हजारों की नकदी व घरेलू सामान जलकर खाक, फायर ब्रिगेड ने पाया काबू
शमशाबाद (फर्रुखाबाद): ढाई घाट शमशाबाद स्थित पवित्र गंगा नदी के तट पर सजे रामनगरिया मेले (Ramnagariya fair) में शुक्रवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक साधु की झोपड़ी में अचानक आग लग गई। आग की लपटों में झोपड़ी पूरी तरह जलकर खाक हो गई, जिसमें हजारों रुपये की नकदी सहित खाने-पीने और दैनिक उपयोग का सामान जल गया। गनीमत रही कि समय रहते आग पर काबू पा लिया गया, जिससे कोई बड़ा हादसा टल गया।
जानकारी के अनुसार रामनगरिया मेले में कल्पवास कर रहे धर्मदास, निवासी गढ़िया रंगीन, जिला शाहजहांपुर, अपनी झोपड़ी के अंदर दूध गर्म कर रहे थे। इसी दौरान चूल्हे से निकली एक चिंगारी झोपड़ी के ऊपर जा गिरी। सूखी झोपड़ी होने के कारण देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और झोपड़ी धू-धू कर जलने लगी।
चीख-पुकार मचते ही जुटी भीड़
अचानक लगी आग को देखकर साधु घबरा गए और जोर-जोर से शोर मचाने लगे। चीख-पुकार सुनकर आसपास मौजूद श्रद्धालु, कल्पवासी और व्यापारी मौके पर दौड़ पड़े। लोगों ने बाल्टी और अन्य साधनों से पानी डालकर आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन आग तेज होने के कारण सफलता नहीं मिल सकी।
फायर ब्रिगेड की तत्परता से टला बड़ा हादसा
स्थिति गंभीर होती देख तत्काल फायर ब्रिगेड को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड के कर्मचारी मौके पर पहुंचे और उपस्थित लोगों के सहयोग से कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया। यदि समय रहते फायर ब्रिगेड नहीं पहुंचती, तो आग आसपास की झोपड़ियों को भी अपनी चपेट में ले सकती थी।
हजारों का नुकसान
आग की घटना में साधु की झोपड़ी में रखा खाने-पीने का सामान, बिस्तर, कपड़े और अन्य घरेलू उपयोग का सामान पूरी तरह जल गया। पीड़ित साधु के अनुसार झोपड़ी में रखी लगभग 20 हजार रुपये की नकदी भी आग की भेंट चढ़ गई।
राहत की सांस
घटना में किसी के हताहत न होने से सभी ने राहत की सांस ली। हालांकि इस घटना ने मेले में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं। श्रद्धालुओं और कल्पवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि झोपड़ियों में आग से बचाव के लिए अतिरिक्त सतर्कता और निगरानी की व्यवस्था की जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचा जा सके।


