यूपी के टॉप-10 माफिया में शामिल अनुपम दुबे पर शिकंजा, रिमांड पर लेकर होगी कड़ी पूछताछ
– पति-पत्नी की हत्या के मामले में फिर खुली फाइल, पुलिस की नजर पूरे गैंग के नेटवर्क पर
फर्रुखाबाद/मैनपुरी। दो दशक पहले हुए चर्चित दंपति हत्याकांड की फाइल खुलने के साथ ही एक बार फिर पूर्वांचल और मध्य यूपी के माफिया नेटवर्क में हलचल मच गई है। प्रदेश के टॉप माफियाओं में गिने जाने वाले अनुपम दुबे, और उसके भाई अनुराग दुबे डब्बन को लेकर मैनपुरी पुलिस बड़ी कार्रवाई की तैयारी में है। जानकारी के अनुसार पुलिस अदालत से अनुमति लेकर अनूपम दुबे को रिमांड पर लेकर गहन पूछताछ करेगी, जिससे 21 साल पुराने इस सनसनीखेज हत्याकांड की परतें खुल सकती हैं।
सूत्रों का कहना है कि पूछताछ के दौरान केवल हत्या की घटना ही नहीं बल्कि अनुपम दुबे के पूरे गैंग, उसके आर्थिक नेटवर्क और पुराने आपराधिक मामलों की भी पड़ताल की जाएगी। पुलिस को उम्मीद है कि रिमांड के दौरान कई ऐसे नाम सामने आ सकते हैं जो लंबे समय से पर्दे के पीछे रहकर गैंग का संचालन कर रहे थे।
गोलियों से भून दिए गए थे कौशल किशोर और कृष्णा देवी
– 6 अगस्त 2005 को हुई थी सनसनीखेज वारदात
जानकारी के अनुसार 6 अगस्त 2005 को भोगांव क्षेत्र में कौशल किशोर दुबे और उनकी पत्नी कृष्णा देवी की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस दोहरे हत्याकांड ने पूरे जिले को झकझोर दिया था। बताया जाता है कि बदमाशों ने बेहद नजदीक से ताबड़तोड़ गोलियां चलाकर दोनों की जान ले ली थी।
घटना के बाद मृतक पक्ष ने अनुपम दुबे समेत छह लोगों के खिलाफ नामजद तहरीर दी थी। उस समय पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की, लेकिन समय बीतने के साथ केस ठंडे बस्ते में चला गया। अब प्रदेश शासन के निर्देश पर इस मामले की पुनर्विवेचना शुरू की गई है, जिससे पुराने राज सामने आने की संभावना बढ़ गई है।
मथुरा जेल में बंद है माफिया
– कोर्ट से रिमांड लेकर पूछताछ की तैयारी
सूत्रों के अनुसार अनुपम दुबे इस समय मथुरा जेल में बंद है और कई गंभीर आपराधिक मामलों में आरोपी है। मैनपुरी पुलिस अब अदालत में प्रार्थना पत्र देकर उसे रिमांड पर लेने की तैयारी कर रही है।
पुलिस अधिकारियों का मानना है कि रिमांड के दौरान पूछताछ से हत्या की साजिश, हथियारों की सप्लाई और गैंग के अन्य सदस्यों की भूमिका सामने आ सकती है।
गैंग के नेटवर्क पर भी कस सकता है शिकंजा
– पुलिस खंगाल रही पुराने केस और गवाह
पुलिस की जांच केवल हत्याकांड तक सीमित नहीं है। जांच टीम अनुपम दुबे गैंग के पूरे नेटवर्क की भी पड़ताल कर रही है। इसके लिए पुराने केस रिकॉर्ड, गवाहों के बयान और घटनास्थल से जुड़े दस्तावेजों को दोबारा खंगाला जा रहा है।
सूत्रों के मुताबिक यदि जांच में नए तथ्य सामने आते हैं तो गैंग से जुड़े कई अन्य लोगों के खिलाफ भी कार्रवाई हो सकती है।
माफिया प्रोफाइल : अनुपम दुबे
– अपराध, राजनीति और दबंगई का लंबा इतिहास
अनुपम दुबे का नाम लंबे समय से उत्तर प्रदेश के प्रभावशाली माफियाओं की सूची में शामिल रहा है। उस पर हत्या, रंगदारी, जमीन कब्जा और आपराधिक षड्यंत्र जैसे कई गंभीर आरोप लग चुके हैं।
कहा जाता है कि उसका गैंग वर्षों तक फर्रुखाबाद और आसपास के जिलों में दबदबा बनाए रहा। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार उसके खिलाफ एक सैकड़ा के करीब आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं और प्रशासन समय-समय पर उसके नेटवर्क को तोड़ने की कोशिश करता रहा है।
दो दशक बाद फिर गरमाया मामला
करीब 21 साल पुराने इस हत्याकांड की फाइल खुलने के बाद पूरे क्षेत्र में चर्चा तेज हो गई है। लोगों की नजर अब पुलिस की अगली कार्रवाई पर टिकी है।
यदि रिमांड के दौरान नए खुलासे होते हैं तो अनुपम दुबे गैंग के कई राज सामने आ सकते हैं और लंबे समय से दबे इस मामले में न्याय की नई उम्मीद जाग सकती है।इसके साथ ही मैनपुरी के उसके प्रखर समर्थन करने वालों पर पुलिस की नजर है, सोशल मीडिया से अपडेट खंगाल रही खाकी।






