बरेली। जनपद में पहुंचे शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने एक प्रेस वार्ता के दौरान राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) प्रमुख मोहन भागवत पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि संघ प्रमुख विवाह जैसे विषयों पर समाज को उपदेश देते हैं, तो उन्हें स्वयं भी विवाह करके उदाहरण प्रस्तुत करना चाहिए। उनके इस बयान के बाद राजनीतिक और धार्मिक हलकों में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है।
दोहरा रोड स्थित देवभूमि आईटीआई में ठहरने के दौरान स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने अपने ऊपर लगे यौन उत्पीड़न के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए उन्हें एक सोची-समझी साजिश करार दिया। उन्होंने कहा कि उनकी छवि को धूमिल करने के उद्देश्य से यह आरोप लगाए गए हैं। स्वामी ने सवाल उठाया कि शुरुआत में जिन तथ्यों, सीडी और पेन ड्राइव का हवाला दिया गया था, वे अब कहां हैं और अब तक उन्हें सार्वजनिक क्यों नहीं किया गया।
इस दौरान उन्होंने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर भी अप्रत्यक्ष रूप से निशाना साधा। उन्होंने कहा कि शंकराचार्य का पद पूरी तरह धार्मिक है और इसमें किसी भी प्रकार का राजनीतिक हस्तक्षेप अनुचित है। उन्होंने स्पष्ट किया कि धार्मिक परंपराओं और संस्थाओं की गरिमा बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है।
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने यह भी बताया कि यह मामला वर्तमान में न्यायालय में विचाराधीन है और उन्हें न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है। उन्होंने कहा कि सच्चाई जल्द ही सामने आएगी और उनके खिलाफ रची गई साजिश बेनकाब होगी।
स्वामी के इस बयान के बाद बरेली सहित प्रदेश की राजनीति और धार्मिक संगठनों में हलचल तेज हो गई है। अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि इस बयान पर संघ और अन्य संबंधित पक्षों की ओर से क्या प्रतिक्रिया सामने आती है।
संघ प्रमुख पर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद का तीखा हमला, यौन उत्पीड़न के आरोपों को बताया साजिश


