दो नाबालिगों के शोषण का आरोप, पॉकसो कोर्ट ने निष्पक्ष जांच के दिए निर्देश
प्रयागराज। धर्मगुरु अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती से जुड़े कथित यौन शोषण मामले में पुलिस ने विवेचना प्रक्रिया शुरू कर दी है। आरोप है कि दो नाबालिगों के साथ दुष्कर्म एवं यौन शोषण की घटना हुई, जिसके बाद मामला दर्ज कराया गया।
पुलिस सूत्रों के अनुसार प्रकरण में केस झूंसी थाना में दर्ज है। प्राथमिकी दर्ज होने के बाद जांच अधिकारी ने साक्ष्य संकलन की प्रक्रिया तेज कर दी है।
जानकारी के मुताबिक पीड़ितों के बयान दर्ज करने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। साथ ही चिकित्सीय परीक्षण (मेडिकल) की प्रक्रिया भी प्रारंभ कर दी गई है, ताकि तथ्यों की पुष्टि की जा सके। पुलिस का कहना है कि सभी कानूनी प्रावधानों का पालन करते हुए संवेदनशीलता के साथ कार्रवाई की जा रही है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पाकसो कोर्ट प्रयागराज ने निष्पक्ष एवं पारदर्शी जांच के निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने कहा है कि जांच में किसी भी प्रकार की लापरवाही या पक्षपात स्वीकार नहीं किया जाएगा।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, “मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है। बयान, मेडिकल रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।”
धार्मिक व्यक्तित्व से जुड़े होने के कारण मामला सामाजिक और धार्मिक हलकों में चर्चा का विषय बना हुआ है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जांच पूरी तरह कानून के दायरे में और निष्पक्ष रूप से की जाएगी।


