अभिमन्यु मांगलिक वर्ष 2018 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं। उन्होंने अपने करियर के दौरान सहारनपुर में एएसपी, वाराणसी में एएसपी/सीओ सिटी और लखनऊ में एएसपी के रूप में कार्य किया है। इससे पहले भदोही उनका पहला जिला था, जहां उन्होंने पुलिस अधीक्षक के रूप में कार्यभार संभाला था। अब फतेहपुर में यह उनका दूसरा कार्यकाल होगा।
वहीं पूर्व एसपी अनूप सिंह ने मई 2024 में फतेहपुर जिले का कार्यभार संभाला था। उनके लगभग 11 महीने के कार्यकाल के दौरान जिले में अपराध की कई घटनाएं सामने आईं। हालांकि कुछ मामलों का खुलासा भी पुलिस द्वारा किया गया, लेकिन उनकी विदाई को लोग तीन प्रमुख घटनाओं से जोड़कर देख रहे हैं।
पहला मामला चौफेरवा गांव में सुशील श्रीवास्तव के परिवार द्वारा की गई सामूहिक आत्महत्या से जुड़ा है। इस घटना के करीब 20 घंटे बाद एसपी अनूप सिंह मौके पर पहुंचे थे, जबकि प्रयागराज से एडीजी और आईजी उसी रात घटनास्थल पर पहुंच गए थे। अधिकारियों ने एसपी की देरी से पहुंचने पर नाराजगी भी जाहिर की थी।
दूसरा मामला जिले के चर्चित जमींदार जयराज मानसिंह की हत्या से जुड़ा है। इस मामले में पुलिस ने एक आरोपी को जेल भेजा था, लेकिन मृतक के परिजन इस खुलासे से संतुष्ट नहीं थे। उन्होंने एडीजी से मुलाकात कर हत्या में अन्य लोगों की संलिप्तता की जांच की मांग की थी।
तीसरा मामला असोथर ब्लॉक के सरकंडी गांव का है, जहां भाजपा नेता संतोष द्विवेदी के खिलाफ एकतरफा कार्रवाई का आरोप लगा था। इस मामले की शिकायत शासन स्तर तक पहुंची थी। इसके बाद प्रदेश सरकार ने जिले की कानून व्यवस्था को देखते हुए अनूप सिंह को फतेहपुर से हटाकर डीजीपी मुख्यालय लोक भवन लखनऊ से संबद्ध कर दिया है।


