बाईपास पर दिनदहाड़े दौड़ रहे ट्रैक्टर, प्रशासन अनजान या मौन?
फर्रुखाबाद। मऊदरवाजा थाना क्षेत्र के बाईपास पर अवैध मिट्टी खनन बेहिसाब और बेखौफ तरीके से किया जा रहा है। किसान के नाम पर व्यक्तिगत अनुमति लेकर मिट्टी निकालने का जो प्रावधान है, उसका खुलेआम दुरुपयोग करते हुए खनन माफिया बड़े पैमाने पर सरकारी भूमि और प्रतिबंधित क्षेत्रों से मिट्टी खींच रहे हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि खनन अधिकारी संजय प्रताप सिंह की खुली छूट के चलते ये खेल और तेज हो गया है।
सूत्र बताते हैं कि खनन अधिकारी ने अपने बेहद करीबी युवक लखन को इस पूरे अवैध कारोबार का राजदार बना दिया है। लखन के पास स्वयं के ट्रैक्टर हैं, जो दिन-रात बाईपास पर दौड़ते देखे जा रहे हैं और मिट्टी की अवैध लोडिंग–अनलोडिंग में लगे हैं। इससे बड़ा सवाल यह उठता है कि जब यह सब कुछ खुलेआम हो रहा है, तो विभागीय कार्रवाई कहां है?
स्थानीय ग्रामीणों ने कई नाम भी उजागर किए—
रोहन यादव, सुधीर राजपूत, राजीव राजपूत, विक्रम राजपूत, सनी यादव सहित कई लोग अवैध खनन के इस नेटवर्क में सक्रिय बताए जा रहे हैं। इनके ट्रैक्टर सुबह से रात तक लगातार दौड़ते हैं, जिससे न केवल राजस्व की हानि हो रही है, बल्कि सड़कें भी बर्बाद हो रही हैं और पर्यावरण को भारी नुकसान पहुंच रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि शिकायतों के बावजूद जिला प्रशासन मौन है। यहां तक कि खनन विभाग, पुलिस और राजस्व विभाग किसी भी तरह की प्रभावी कार्रवाई नहीं कर रहे, जिससे संदेह और गहरा रहा है कि कहीं यह पूरा खेल मिलीभगत से तो नहीं चल रहा?
स्थानीय लोगों ने मांग की है कि अवैध खनन की तत्काल उच्चस्तरीय जांच हो, दोषी ट्रैक्टर संचालकों पर कार्रवाई की जाए, किसान के नाम पर जारी होने वाली ‘व्यक्तिगत अनुमति’ की पूरी सूची सार्वजनिक की जाए, और खनन अधिकारी की भूमिका की निष्पक्ष जांच कराई जाए।
यदि इस अवैध गतिविधि पर जल्द अंकुश नहीं लगाया गया, तो मिट्टी माफिया जिले की संसाधन संपदा को खत्म कर देंगे और आम जनता को इसका दुष्परिणाम भुगतना पड़ेगा।






