फर्रुखाबाद। नगर क्षेत्र में बढ़ रही आवारा कुत्तों की संख्या पर नियंत्रण के लिए नगर पालिका फर्रुखाबाद जल्द ही बड़ा अभियान शुरू करने जा रही है। बेड़ारास स्थित नगर पालिका भवन में अत्याधुनिक ऑपरेशन थिएटर (ओटी) तैयार कर लिया गया है, जहां कुत्तों की नसबंदी का कार्य सिस्टमैटिक ढंग से किया जाएगा। अधिकारियों के अनुसार, नसबंदी के बाद कुत्तों को सात दिन तक निगरानी में रखने के उपरांत उसी स्थान पर छोड़ा जाएगा, जहां से उन्हें पकड़ा गया था।
नगर पालिका द्वारा अक्टूबर माह में स्ट्रीट डॉग्स के बंध्याकरण के लिए जारी किए गए टेंडर को हरियाणा की एक प्रतिष्ठित संस्था ने हासिल किया है। संस्था की पांच सदस्यीय विशेषज्ञ टीम बांदा से फर्रुखाबाद पहुंच चुकी है। टीम को बेड़ारास के इसी भवन में ठहराया गया है, जहां से पूरे अभियान का संचालन किया जाएगा।
टीम के सदस्यों ने बताया कि वे बेंगलुरु, हैदराबाद, मुंबई, मेरठ और मुरादाबाद सहित देश के कई बड़े शहरों में सफलतापूर्वक कुत्तों की नसबंदी का कार्य कर चुके हैं। फर्रुखाबाद के लिए भी एक संगठित व सुरक्षित प्रक्रिया अपनाई जाएगी।
टीम आवारा कुत्तों को जाल लगे विशेष पिंजरों की मदद से पकड़कर ओटी तक लाएगी। भवन में कुत्तों के रहने के लिए लोहे की ग्रिल से अलग-अलग पिंजरे तैयार किए गए हैं। नसबंदी के बाद प्रत्येक कुत्ते को सात दिन तक चिकित्सकीय निगरानी में रखा जाएगा। इस दौरान उन्हें रोस्टर के अनुसार भोजन भी दिया जाएगा, जिसमें ब्रेड, दूध, चिकन, दाल, चावल, सोयाबीन और आवश्यकतानुसार फिटकरी शामिल रहेगी।
विशेषज्ञों के मुताबिक, घाव भरने और कुत्ते के पूरी तरह स्वस्थ होने के बाद ही उसे पुनः उस मोहल्ले या क्षेत्र में छोड़ा जाएगा, जहां से उसे पकड़ा गया था। यह प्रक्रिया न केवल मानवीय है, बल्कि स्ट्रीट डॉग्स को उनके परिचित वातावरण में वापस भेजने के लिए आवश्यक भी मानी जाती है।
नगर पालिका के ईओ ने बताया कि शासन के निर्देशों के अनुरूप नगर क्षेत्र में बढ़ती स्ट्रीट डॉग्स की आबादी को नियंत्रित करने हेतु यह अभियान चलाया जा रहा है। हरियाणा की चयनित फर्म के माध्यम से व्यवस्थित बंध्याकरण कराया जाएगा। नगर पालिका का उद्देश्य है कि इस वैज्ञानिक प्रक्रिया के जरिए शहर में आवारा कुत्तों की संख्या नियंत्रित होने के साथ-साथ लोगों की सुरक्षा भी सुनिश्चित हो सके।





