फर्रुखाबाद। शहर कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला जंगबाज खान में शनिवार को एक दर्दनाक घटना सामने आई, जहां 17 वर्षीय किशोरी पायल ने अपने ही घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना के समय उसकी दादी शारदा देवी काम पर गई हुई थीं। लौटने पर जब उन्होंने दरवाजा खटखटाया तो कोई जवाब नहीं मिला। पास के मकान की छत से झांककर देखा गया तो पायल का शव फंदे से लटका मिला, जिसके बाद मोहल्ले में हड़कंप मच गया।
सूचना मिलने पर शहर कोतवाली प्रभारी राजीव पांडेय और चौकी इंचार्ज अमित गुप्ता पुलिस बल और फोरेंसिक टीम के साथ मौके पर पहुंचे। शव को फंदे से उतारकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया। हालांकि प्रारंभ में मृतका के पिता ने पोस्टमॉर्टम कराने से इनकार कर दिया था और अंतिम संस्कार की अनुमति मांगी थी, लेकिन थाना प्रभारी के समझाने पर उन्होंने सहमति दी।
दादी शारदा देवी के अनुसार, सुबह सब कुछ सामान्य था। उन्होंने चाय बनाई और सभी बच्चों को दी। इसके बाद काम पर चली गईं। जब लौटीं तो दरवाजा अंदर से बंद मिला। छोटी पोती ने पास के घर की छत पर चढ़कर देखा तो पायल फंदे पर झूल रही थी।
परिवार के बारे में जानकारी मिली है कि पायल की मां का निधन चार वर्ष पूर्व बीमारी के चलते हो गया था। पिता सिलाई और मजदूरी करके परिवार का भरण-पोषण करते हैं। परिवार में चार भाई-बहन हैं — बड़ी पायल, दृष्टिबाधित भाई राहुल, बहन पूनम और सबसे छोटा देव (5 वर्ष)। पायल पढ़ाई नहीं करती थी, बल्कि घर पर रहकर छोटे भाई-बहनों की देखभाल करती थी।
कोतवाली प्रभारी राजीव पांडेय ने बताया कि आत्महत्या के कारणों का अभी तक पता नहीं चल सका है। पुलिस ने मामले की कई बिंदुओं पर गहन जांच शुरू कर दी है।






