फर्रुखाबाद । उत्तर प्रदेश आशा वर्कर्स यूनियन ने अपनी मांगों को लेकर मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा व मुख्यालय पर धरना प्रदर्शन किया।
दिए गए ज्ञापन में कहा गया कि वर्ष 2025 का कई माह के बकाया आधार प्रोत्साहन राशि राज्य वित्त प्रतिपूर्ति राशि और अन्य अभियानों में किए गए योगदान के भुगतान तत्काल किए जाएं तथा 30 अक्टूबर तक वर्षों से लम्बित प्रोत्साहन राशियों की अदायगी सुनिश्चित की जाय।
आशा, आशा संगिनी को मानद स्वयं सेवक के बजाय 45 वें भारतीय श्रम सम्मेलन की शिफारिश के अनुरूप सरकारी कर्मचारी के रूप में वर्गीकृत किया जाय तथा प्रोत्साहन राशि के बजाय न्यूनतम वेतन लागू किया जाए।आशा, आशा संगिनी को ईपीएफ, ईएसआई का सदस्य बनाया जाए सेवा निवृत्ति पर ग्रेच्युटी का भुगतान सुनिश्चित किया जाए।10 लाख स्वास्थ्य बीमा और 50 लाख का जीवन बीमा सुनिश्चित किया जाए।बेहतर कार्य दशा उपलब्ध कराते हुए कार्य की सीमा तय की जाए। एक ही दिन में कई कई तरह के कार्यों के संपादन और जीवन निर्वाह लायक पारिश्रमिक नहीं मिलने के कारण इनका एक विशाल हिस्सा अवसाद से गुजर रहा है। न्यूनतम वेतन लागू होने तक आक्षा कर्मियों को आधारभूत मानदेय 21000 / तथा आशा संगिनी को रु 28000 / किया जाए। जननी सुरक्षा से जुड़े बुनियादी कार्य के अलावा अन्य कार्यों की उत्प्रेरण राशियों का निर्धारण कर नियमित और पारदर्शी ढंग से भुगतान किया जाए। इस मौके पर कविता देवी, पूजा मिश्रा रीता देवी प्रसन्न देवी नीलम दुर्गेश नंदिनी मीना यादव कामिनी मौर्य ऋषि राजपूत अनीता देवी सरस्वती देवी रणजीत बिहार अरुणा देवी सुनीता सोनी अरुण वर्मा, रमाकांत मीना यादव, रुचि राजपूत सरस्वती देवी, आदि प्रमुख रूप से मौजूद रहीं।

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