फर्रुखाबाद। सातनपुर स्थित कृषि उपज मंडी में 3 फरवरी को आलू की आवक और मांग के बीच दामों में उतार-चढ़ाव देखने को मिला। मंडी में अलग-अलग किस्म और गुणवत्ता के आलू के भाव 351 रुपये से लेकर 501 रुपये प्रति कुंतल तक दर्ज किए गए। भावों में यह अंतर मुख्य रूप से आलू की किस्म, साइज और भंडारण योग्य गुणवत्ता के आधार पर रहा।
मंडी में सुबह से ही किसानों और व्यापारियों की आवाजाही बनी रही। स्थानीय किसानों का कहना है कि इस समय खेतों से आलू की आवक लगातार बढ़ रही है, जिससे मंडी में सप्लाई तो अच्छी है, लेकिन मांग अपेक्षाकृत सामान्य बनी हुई है। इसी कारण औसत गुणवत्ता वाले आलू के दाम निचले स्तर पर रहे, जबकि अच्छी क्वालिटी और बड़े साइज के आलू को बेहतर भाव मिला।
आवक बढ़ने से दबाव में दाम
मंडी सूत्रों के अनुसार, आसपास के गांवों से रोजाना बड़ी मात्रा में आलू मंडी पहुंच रहा है। नई खुदाई के कारण आलू में नमी अधिक होने से कुछ खेपों को कम भाव पर बिकना पड़ा। व्यापारियों का कहना है कि जिन किसानों ने आलू को ठीक से छांटकर और साफ-सुथरा लाया, उन्हें अपेक्षाकृत बेहतर दाम मिले।
किसानों की चिंता बरकरार
किसानों का कहना है कि लागत लगातार बढ़ रही है। बीज, खाद, कीटनाशक और सिंचाई पर पहले ही भारी खर्च हो चुका है। ऐसे में 351–400 रुपये प्रति कुंतल का भाव लागत निकालने में भी मुश्किल पैदा कर रहा है। किसानों को उम्मीद है कि आने वाले दिनों में मांग बढ़ने पर भाव में कुछ सुधार देखने को मिल सकता है।
मंडी व्यापारियों के मुताबिक, फिलहाल बाजार में आलू की सप्लाई अधिक है, जबकि बाहर की मंडियों से मांग सीमित है। कोल्ड स्टोरेज में आलू भेजने का फैसला भी भाव स्थिर होने के बाद ही लिया जाएगा। यदि बाहरी राज्यों से मांग बढ़ती है, तो सातनपुर मंडी में भी आलू के भाव में तेजी आ सकती है।





