फर्रुखाबाद। जनपद की प्रमुख कृषि मंडियों में शामिल सातनपुर मंडी में आलू की कीमतों में लगातार तेजी देखने को मिल रही है। 9 जनवरी को मंडी में आलू के भाव सामान्य दिनों की तुलना में काफी ऊंचे दर्ज किए गए, जिससे थोक व्यापारियों के साथ-साथ खुदरा विक्रेताओं और आम उपभोक्ताओं की चिंता बढ़ गई है।
मंडी सूत्रों के अनुसार शुक्रवार को नीलामी के दौरान—सफेद आलू: ₹401 से ₹561 प्रति कुंतल
लाल आलू: ₹751 प्रति कुंतल तक
कीमतों में इस बढ़ोतरी ने बाजार में हलचल पैदा कर दी है। व्यापारियों का कहना है कि गुणवत्ता के अनुसार आलू के दाम तय किए गए, लेकिन फिर भी औसत भाव पिछले सप्ताह की तुलना में अधिक रहे।
व्यापारियों और आढ़तियों के अनुसार आलू महंगा होने के पीछे कई कारण हैं—आसपास के क्षेत्रों से आलू की आवक अपेक्षाकृत कम रही। किसान अभी बेहतर दाम की उम्मीद में आलू बाहर नहीं निकाल रहे। अच्छे आकार और ग्रेड वाले आलू की उपलब्धता घटने से कीमत बढ़ी।
सर्दियों में घरेलू और होटल सेक्टर में आलू की मांग लगातार बनी हुई है।
कीमतों में बढ़ोतरी से जहां किसानों के चेहरे खिले हुए हैं, वहीं आम उपभोक्ताओं पर इसका सीधा असर पड़ रहा है। खुदरा बाजार में आलू के दाम बढ़ने की पूरी संभावना जताई जा रही है। मंडी व्यापारियों का कहना है कि यदि आवक नहीं बढ़ी, तो आने वाले दिनों में आलू और महंगा हो सकता है।
मंडी में मौजूद व्यापारियों का कहना है कि फिलहाल बाजार का रुख तेजी का बना हुआ है। यदि मौसम अनुकूल रहा और कोल्ड स्टोरेज से आलू की निकासी बढ़ी, तभी कीमतों में कुछ राहत मिल सकती है।
मंडी प्रशासन की ओर से नीलामी और आवक पर नजर रखी जा रही है, ताकि किसी प्रकार की कालाबाजारी न हो और किसानों को उचित मूल्य मिल सके।
कुल मिलाकर, सातनपुर मंडी में आलू की बढ़ती कीमतें फिलहाल थमने के आसार नहीं दिखा रहीं। आने वाले दिनों में आवक और मांग की स्थिति ही यह तय करेगी कि आम जनता को राहत मिलेगी या महंगाई का असर और बढ़ेगा।






