फर्रुखाबाद। कोविड-19 महामारी के दौरान अपनी जान जोखिम में डालकर सेवाएं देने वाले कर्मचारियों के समायोजन की मांग को लेकर एक बार फिर प्रशासनिक उदासीनता के खिलाफ आवाज बुलंद हुई। जनपद फर्रुखाबाद में कोविड कर्मचारियों ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) कार्यालय के समक्ष धरना-प्रदर्शन कर शासनादेश के अनुसार तत्काल समायोजन की मांग उठाई।
धरने के दौरान कर्मचारियों ने एक मांग पत्र सौंपते हुए बताया कि कोविड-19 काल में कार्यरत समस्त कर्मचारियों की सेवाएं समाप्त कर दी गई थीं। इनमें ओटी टेक्नीशियन, ईटीसीटी, वार्ड बॉय, वार्ड आया एवं सफाई कर्मी जैसे महत्वपूर्ण पदों पर तैनात कर्मचारी शामिल हैं। सेवाएं समाप्त होने के बाद शासन स्तर से प्रमुख सचिव के 27 मई 2024 के आदेश के तहत इन कर्मचारियों के समायोजन हेतु कई बार स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए गए, इसके बावजूद अब तक विभिन्न संवर्गों के 59 कर्मचारियों का समायोजन नहीं किया जा सका है।
कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि शासन के निर्देशों की खुलेआम अनदेखी की जा रही है, जिससे कर्मचारियों में भारी आक्रोश व्याप्त है। प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों ने कहा कि उन्होंने महामारी जैसे कठिन समय में न केवल अपनी बल्कि अपने परिवार की जान की परवाह किए बिना सेवा दी, लेकिन आज वही कर्मचारी रोजगार से वंचित होकर दर-दर भटकने को मजबूर हैं।
धरनास्थल पर कर्मचारियों ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि चार दिनों के भीतर सभी शेष कर्मचारियों का समायोजन नहीं किया गया, तो 12 जनवरी से समायोजन से वंचित सभी कर्मचारी आमरण अनशन शुरू करेंगे। कर्मचारियों ने स्पष्ट किया कि आमरण अनशन के दौरान किसी भी प्रकार की अप्रिय स्थिति की पूर्ण जिम्मेदारी विभागीय प्रशासन की होगी।
इस दौरान अंकित कुमार, पिंकी, रमन कुमार, सुमन, रोहित, विनय कुमार सहित बड़ी संख्या में कोविड कर्मचारी मौजूद रहे। कर्मचारियों ने एक स्वर में कहा कि जब तक शासनादेश के अनुरूप उनका समायोजन नहीं होता, तब तक उनका संघर्ष जारी रहेगा।





