बाड़े में जली हालत में मिली 21 वर्षीय नीलम, हालत गंभीर; पुलिस सभी बिंदुओं पर जांच में जुटी
फर्रुखाबाद। कोतवाली कायमगंज क्षेत्र के ग्राम जिजपुरा में मंगलवार को उस समय सनसनी फैल गई जब 21 वर्षीय युवती अपने ही जानवरों के बाड़े में संदिग्ध परिस्थितियों में जली अवस्था में कराहती हुई मिली। घटना की सूचना मिलते ही परिजन उसे आनन-फानन में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कायमगंज ले गए, जहां प्राथमिक उपचार के बाद हालत गंभीर होने पर उसे डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल फर्रुखाबाद रेफर कर दिया गया।
जानकारी के अनुसार ग्राम जिजपुरा निवासी नीलम (21) पुत्री स्व. महेंद्र रोज की भांति घर से लगभग डेढ़ सौ मीटर दूर बने जानवरों के बाड़े में पशुओं को देखने गई थी। कुछ देर बाद पड़ोस में घास काट रहीं उनकी पारिवारिक दादी सतानो देवी ने कराहने की आवाज सुनी। पास जाकर देखा तो नीलम बुरी तरह झुलसी हुई जमीन पर पड़ी थी। उन्होंने तत्काल इसकी सूचना परिजनों को दी।
घटना स्थल पर युवती के जले हुए कपड़े और एक खाली बोतल पड़ी मिली है, जिससे मामला और अधिक संदिग्ध हो गया है। परिजन उसे निजी वाहन से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कायमगंज लेकर पहुंचे। वहां उपचार के दौरान अर्धबेहोशी की हालत में युवती ने बताया कि एक युवक नकाब बांधकर आया, उसने उसके साथ मारपीट की, मुंह पर टेप लगा दिया और पेट्रोल डालकर आग लगा दी। आग लगाने के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया।
उधर, घटना के समय पास में मौजूद युवती की चाची ज्योति पत्नी गुरुजीत ने बताया कि जब वह बाड़े में पहुंचीं तो नीलम जली हुई अवस्था में कराह रही थी, जिससे चीख-पुकार मच गई। वहीं ज्योति के लगभग सात वर्षीय पुत्र (युवती का चचेरा भाई) ने बताया कि वह पानी पीने के लिए पास गया था और उसने युवती को अपने मुंह पर टेप लगाते हुए देखा था। बच्चे के इस बयान से घटना कई सवाल खड़े कर रही है।
सूचना मिलते ही प्रभारी निरीक्षक मदन मोहन चतुर्वेदी पुलिस बल के साथ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे और घटना की जानकारी ली। पुलिस ने मौके का निरीक्षण कर साक्ष्य एकत्रित किए हैं और सभी पहलुओं—हमले और अन्य संभावित कारणों—पर गहन जांच शुरू कर दी है।
बताया गया है कि नीलम अपने पांच भाइयों में इकलौती बहन है। दो वर्ष पूर्व उसके पिता महेंद्र का निधन हो चुका है। घटना के बाद परिवार में कोहराम मचा हुआ है और गांव में दहशत का माहौल है।


