इटावा। जनपद के एक कस्बे में अंधविश्वास और मानसिक अस्थिरता का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक युवक ने “माता बलि मांग रही है” जैसे भ्रम में आकर खुद पर कुल्हाड़ी से वार कर अपनी जान दे दी। इस घटना के बाद इलाके में सनसनी फैल गई और परिवार में कोहराम मच गया।
बताया जा रहा है कि युवक लंबे समय से शराब की लत का शिकार था और उसका व्यवहार भी पिछले कुछ समय से असामान्य हो गया था। परिजनों के अनुसार वह अक्सर अजीब बातें करता था और बार-बार कहता था कि “माता बलि मांग रही है।” इस कारण घर में भय और तनाव का माहौल बना रहता था। साथ ही पारिवारिक विवाद भी लगातार बढ़ रहे थे।
घटना सोमवार सुबह की बताई जा रही है। उस समय घर के अन्य सदस्य अपने-अपने काम में व्यस्त थे। इसी बीच युवक ने अचानक घर के बरामदे में कुल्हाड़ी उठाई और अपने सिर पर कई वार कर लिए। गंभीर रूप से घायल होकर वह मौके पर ही गिर पड़ा। जब तक परिजन कुछ समझ पाते, तब तक उसकी हालत बेहद गंभीर हो चुकी थी।
आनन-फानन में उसे नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद परिवार में चीख-पुकार मच गई और आसपास के लोग भी मौके पर एकत्र हो गए।
परिजनों का कहना है कि युवक पहले भी खुद को नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर चुका था, लेकिन किसी ने यह नहीं सोचा था कि वह इतना बड़ा कदम उठा लेगा। उसकी शादी कुछ समय पहले हुई थी, लेकिन वैवाहिक जीवन भी ठीक नहीं चल रहा था और पत्नी अलग रह रही थी, जिससे वह और अधिक तनाव में रहने लगा था।
घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी। अधिकारियों का कहना है कि प्रथम दृष्टया मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है, हालांकि सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच की जा रही है।
यह घटना एक बार फिर समाज में फैले अंधविश्वास और मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता की कमी को उजागर करती है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मामलों में समय रहते परामर्श और इलाज मिलना बेहद जरूरी है, ताकि इस तरह की दुखद घटनाओं को रोका जा सके।


