औरैया: अछल्दा थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम आशा में गुरुवार को एक युवक ने पेड़ से फंदा लगाकर आत्महत्या (suicide) कर ली। घटना से पूरे गांव में सनसनी फैल गई और परिजनों में कोहराम मच गया। सूचना मिलने पर पुलिस (Police) मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पंचनामा भरते हुए पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मृतक की पहचान ग्राम आशा निवासी मुकेश वाल्मीकि पुत्र प्रेमदास वाल्मीकि के रूप में हुई है।
बताया गया कि मुकेश अपने पिता का इकलौता पुत्र था और मेहनत-मजदूरी कर अपने परिवार का पालन-पोषण करता था। उसके पीछे पत्नी अनिता और पांच छोटे बच्चे रह गए हैं, जिनमें बड़ी बेटी महक (10 वर्ष), मधु (8 वर्ष), बेटा पुल्ली (6 वर्ष), एक अन्य बेटी बेबी (2 वर्ष) और सबसे छोटी बेटी लाली (12 माह) शामिल हैं। मुकेश की मौत के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
परिजनों के अनुसार, गुरुवार सुबह मुकेश बिना किसी को बताए घर से निकल गया था। काफी देर तक वापस न लौटने पर परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं लग सका। दोपहर करीब दो बजे ताल खिरिया के पास खेत में खाद डाल रहे एक युवक ने पेड़ पर शव लटका देखा। युवक ने तत्काल इसकी सूचना ग्रामीणों और परिजनों को दी। मौके पर पहुंचे परिजनों ने शव की पहचान मुकेश के रूप में की, जिसके बाद परिवार में चीख-पुकार मच गई।
घटना की जानकारी मिलते ही अछल्दा थाना पुलिस सक्रिय हो गई। उपनिरीक्षक राशिद हुसैन तथा इटैली चौकी प्रभारी हेमंत चौधरी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और आवश्यक कानूनी कार्रवाई करते हुए शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस का कहना है कि आत्महत्या के कारणों की जांच की जा रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
इस हृदयविदारक घटना के बाद पूरे गांव में शोक का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि मुकेश मिलनसार स्वभाव का था और किसी से उसका कोई विवाद भी नहीं था। ऐसे में उसके इस कदम से हर कोई स्तब्ध है। वहीं, पत्नी और मासूम बच्चों की हालत देखकर गांव के लोग गहरे दुख में डूबे हुए है।


