शाहजहांपुर: अल्हागंज थाना क्षेत्र के गांव सन्हैया निवासी उग्रसेन (42), पुत्र मदनपाल, को खांसी, जुकाम व बुखार की शिकायत थी। वे दवा लेने जलालाबाद के बझेड़ा चौराहे पर पहुंचे। एक अवैध रूप से प्रैक्टिस करने वाले झोलाछाप चिकित्सक को दिखाने पर उसने दवा खिलाई और इंजेक्शन लगाने का वादा किया। दवा ग्रहण करने के तुरंत बाद उग्रसेन की हालत बिगड़ गई।
परिजनों ने उन्हें तत्काल नगरिया बुजुर्ग के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया , जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया।
मृतक के भाई चंद्रसेन ने आरोप लगाया कि झोलाछाप डॉक्टर ने गलत दवा दी, जिससे भाई की जान चली गई। उग्रसेन पांच भाइयों में सबसे बड़े थे। दो माह पूर्व उनके पिता मदनपाल का निधन हो चुका था। मृतक की पत्नी वर्षों पहले एक बेटे को लेकर घर छोड़ चुकी थी; बेटे की सड़क दुर्घटना में मौत हो गई थी। वे भाइयों के साथ रहते थे।
सूचना मिलने पर अस्पताल पहुंचे ग्रामीणों ने हंगामा किया। अस्पताल ने जलालाबाद थाने को सूचना दी, लेकिन थानों के बीच क्षेत्रीय सीमा विवाद के कारण पुलिस तत्काल नहीं पहुंची। जलालाबाद पुलिस का कहना है कि अल्हागंज पुलिस पंचनामा भरेगी, जबकि अल्हागंज एसओ ओमप्रकाश ने इसे जलालाबाद क्षेत्र की घटना बताते हुए उधर जिम्मेदारी डाली। फिलहाल पुलिस शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए शाहजहांपुर भेज दिया है थाना प्रभारी राजीव तोमर ने बताया की डॉक्टर जलालाबाद क्षेत्र का रहने वाला था इसलिए पुलिस से कार्रवाई की है अग्रिम कार्रवाई तहरीर एवं पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद की जाएगी।


