मैनपुरी: जनपद में सरकारी नौकरी (government job) में फर्जीवाड़े का गंभीर मामला सामने आया है, जहां एक युवक पर अपने मृतक भाई के नाम पर जाली दस्तावेज तैयार कर लेखपाल (Lekhpal) पद पर नौकरी करने का आरोप लगा है। प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी अंजनी कुमार ने जांच के आदेश दिए हैं। जांच की जिम्मेदारी उपजिलाधिकारी करहल को सौंपी गई है। डीएम ने स्पष्ट किया है कि यदि आरोप सही पाए गए तो इसे शासकीय धन का दुरुपयोग मानते हुए नियमानुसार वसूली और कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
मामला सदर कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला हंसनगर निवासी अखिलेश कुमार से जुड़ा है। आरोप है कि अखिलेश ने अपने भाई अनिल कुमार की मृत्यु के बाद उसके नाम पर फर्जी आधार कार्ड सहित अन्य जरूरी दस्तावेज तैयार कर लेखपाल पद पर नियुक्ति हासिल की। अनिल कुमार ने लेखपाल भर्ती परीक्षा उत्तीर्ण की थी, लेकिन 11 फरवरी 2016 को जहरीला पदार्थ खाने से उनकी मौत हो गई थी। अगले दिन इटावा में पोस्टमार्टम कराया गया था। आरोप है कि अनिल की मृत्यु के बाद जब उनका नियुक्ति पत्र घर पहुंचा, तब अखिलेश ने जालसाजी कर उसके नाम से नौकरी ज्वाइन कर ली।
बताया जा रहा है कि वर्ष 2016 से अखिलेश करहल तहसील में अनिल कुमार के नाम से लेखपाल के पद पर कार्यरत है। इस पूरे फर्जीवाड़े में कुछ अन्य लोगों की भूमिका होने की भी आशंका जताई जा रही है। मामले का खुलासा तब हुआ जब अखिलेश की पत्नी सुबीना देवी ने जिलाधिकारी को शिकायती पत्र देकर पूरे प्रकरण की जानकारी दी। सुबीना देवी का आरोप है कि जब उन्होंने मृतक के नाम पर नौकरी करने का विरोध किया, तो उनके साथ गाली-गलौज की गई और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया। उन्होंने जान से मारने की धमकी दिए जाने का भी आरोप लगाया है।
जिलाधिकारी अंजनी कुमार ने बताया कि मामला जांचाधीन है और एसडीएम करहल को तथ्यों की गहन जांच के निर्देश दिए गए हैं। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने साफ किया है कि सरकारी सेवा में इस तरह की जालसाजी किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।


