शमशाबाद (फर्रुखाबाद): आस्था और विश्वास (faith and trust) का ऐसा ही अद्भुत उदाहरण ढाई घाट शमशाबाद में देखने को मिला, जहां सपने में गंगा मैया (Mother Ganga) के दर्शन और आदेश के बाद एक भक्त ने अपनी गहरी श्रद्धा का परिचय देते हुए लेटकर गंगा मैया की परिक्रमा शुरू की। यह अनोखी भक्ति इन दिनों कल्पवास कर रहे साधु-संतों, श्रद्धालुओं और क्षेत्रीय लोगों के बीच चर्चा का प्रमुख विषय बनी हुई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार यह मामला जनपद शाहजहांपुर के थाना कलान क्षेत्र अंतर्गत ग्राम जरियनपुर का है। गांव निवासी अशोक कुमार पुत्र नाथूलाल ने बताया कि करीब पांच दिन पूर्व उन्हें सपने में गंगा मैया के साक्षात दर्शन हुए। सपने में गंगा मैया ने उन्हें आशीर्वाद देने के साथ ही अपने धाम ढाई घाट शमशाबाद की परिक्रमा करने का आदेश दिया।
अशोक कुमार ने बताया कि जब उनकी नींद खुली तो सामने गंगा मैया तो नहीं थीं, लेकिन उनके द्वारा दिया गया आदेश और आशीर्वाद उनके मन-मस्तिष्क में पूरी तरह अंकित था। इसी आदेश का पालन करते हुए उन्होंने गंगा मैया की भक्ति में स्वयं को समर्पित कर दिया।
तीन साथियों संग लेटकर कर रहे गंगा परिक्रमा
गंगा मैया के परम भक्त अशोक कुमार ने बताया कि वह अपने तीन साथियों के साथ लेटकर ढाई घाट शमशाबाद पहुंचे और गंगा मैया की परिक्रमा प्रारंभ की। यह परिक्रमा बीते पांच दिनों से लगातार जारी है। वे प्रतिदिन शाम को विश्राम के लिए लौटते हैं और सुबह पुनः ढाई घाट पहुंचकर गंगा मैया की परिक्रमा आरंभ कर देते हैं।
भक्त अशोक कुमार को गंगा मैया की चरण वंदना करते और भक्ति भाव में लीन होकर परिक्रमा करते देख श्रद्धालु भाव-विभोर हो रहे हैं। लोगों का कहना है कि ऐसी गहरी आस्था और निष्ठा आज के समय में विरले ही देखने को मिलती है।
कल्पवासियों और श्रद्धालुओं में बनी चर्चा का विषय
ढाई घाट शमशाबाद में इन दिनों चल रहे कल्पवास के दौरान इस अनोखी परिक्रमा की चर्चा दूर-दूर तक फैल गई है। कल्पवासी, साधु-संत और श्रद्धालु इसे आस्था का चमत्कार मान रहे हैं। कोई इसे गंगा मैया की कृपा बता रहा है तो कोई इसे भक्त की अटूट श्रद्धा और विश्वास का प्रत्यक्ष प्रमाण मान रहा है।


