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Thursday, January 29, 2026

जलालाबाद बीडीओ कार्यालय में महिला का धरना, प्रधान ने लगाए धन उगाही के आरोप — मामला जांच के दायरे में

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जलालाबाद (शाहजहांपुर): जलालाबाद (Jalalabad) क्षेत्र के ग्राम खंडहर से जुड़ा एक मामला इन दिनों चर्चा का विषय बना हुआ है, जहां गांव की समस्याओं को लेकर किसान नेता मालती कश्यप द्वारा खंड विकास अधिकारी (BDO) कार्यालय में शिकायत करने के बाद हंगामे की स्थिति बन गई। एक ओर जहां महिला ने अधिकारियों पर अभद्र भाषा और रिश्वत मांगने के गंभीर आरोप लगाए हैं, वहीं दूसरी ओर ग्राम प्रधान ने महिला पर आए दिन शिकायत कर धन उगाही की कोशिश करने का आरोप लगाया है।

पीड़ित महिला मालती कश्यप का कहना है कि वह अपने गांव में बने खड़ंजे व इंटरलॉकिंग मार्ग की खराब स्थिति समेत अन्य समस्याओं को लेकर,”खंड विकास अधिकारी कार्यालय जलालाबाद” पहुंची थीं। महिला के अनुसार, जब उन्होंने लिखित शिकायती पत्र दिया तो कार्यालय में उनके साथ अभद्र भाषा का प्रयोग किया गया और कथित रूप से रिश्वत की मांग की गई। इससे आहत होकर महिला बीडीओ कार्यालय के बाहर जमीन पर बैठ गई और धरना देने लगी।

महिला ने आरोप लगाया कि खंड विकास अधिकारी, सहायक विकास अधिकारी और ग्राम विकास अधिकारी द्वारा उनसे पैसे मांगे गए। सूचना मिलने पर,”जलालाबाद पुलिस”मौके पर पहुंची और काफी समझाने के बाद महिला को जांच व कार्रवाई का आश्वासन देकर शांत कराया। वहीं ग्राम खंडहर के प्रधान रामवीर सिंह चंदेल ने महिला के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि अपने आपको किसान नेता बताने वाली महिला मालती कश्यप आए दिन किसी न किसी अधिकारी को शिकायती पत्र देकर धन उगाही की मांग करती रहती है।

प्रधान का आरोप है कि यदि मांग पूरी नहीं होती तो महिला धरना-प्रदर्शन की धमकी देती है। उन्होंने यह भी कहा कि जलालाबाद क्षेत्र में महिला ने कई लोगों के खिलाफ शिकायतें की हैं, जिनकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। प्रधान ने यह भी बताया कि कुछ माह पूर्व महिला को”प्रधानमंत्री आवास योजना” के तहत आवास स्वीकृत किया जा चुका है। इस मामले में ग्राम विकास अधिकारी रेनू यादव ने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवास मिलने के बाद महिला द्वारा अन्य कार्यों को लेकर भी लगातार दबाव बनाया जा रहा था।

उनका कहना है कि ग्राम प्रधान और महिला एक ही गांव के निवासी हैं और संभव है कि आपसी विवाद के चलते शिकायतें की जा रही हों। रिश्वत मांगने के आरोप को उन्होंने बेबुनियाद बताया और कहा कि पूरे मामले की जांच होनी चाहिए। एक ओर महिला प्रशासनिक अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगा रही है।
दूसरी ओर प्रधान और ग्राम विकास अधिकारी महिला पर धन उगाही व दबाव बनाने का आरोप लगा रहे हैं।

पुलिस व प्रशासन का कहना है कि पूरे प्रकरण की तथ्यों के आधार पर जांच की जाएगी और जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। अब सबकी निगाहें जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं, जिससे साफ हो सके कि आरोपों में सच्चाई किस पक्ष के साथ है।

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