औरैया: जनपद की अजीतमल तहसील क्षेत्र के बड़ी गूंज इलाके में यमुना (Yamuna) किनारे गोवंशों के साथ गंभीर लापरवाही का मामला सामने आया है। ग्रामीणों द्वारा बड़ी संख्या में गोवंशों को एक स्थान पर रेत के बीच इकट्ठा कर झटका मशीन के तारों से घेरकर रोकने की घटना ने प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े कर दिए हैं। बताया जा रहा है कि करीब आधा सैकड़ा से अधिक गोवंशों को इस तरह बांधा गया, जबकि कुछ स्थानीय लोगों का दावा है कि आसपास के लगभग एक सैकड़ा गांवों से गोवंशों को लाकर यमुना किनारे रोका गया है।
घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामला तूल पकड़ गया। वायरल वीडियो में मौके पर उपजिलाधिकारी (एसडीएम) के अर्दली और जिला प्रशासन की गाड़ी भी दिखाई दे रही है, जिससे यह प्रश्न उठ रहा है कि अधिकारियों की मौजूदगी के बावजूद गोवंशों की समुचित देखरेख और सुरक्षा की व्यवस्था क्यों नहीं की गई। वीडियो में रेत के खुले मैदान में बड़ी संख्या में गोवंशों को तारों के घेरे में खड़ा देखा जा सकता है, जिससे पशुओं के घायल होने या करंट लगने की आशंका जताई जा रही है।
स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि आवारा गोवंशों से फसलों को नुकसान हो रहा था, जिसके चलते उन्हें एक स्थान पर एकत्रित किया गया। हालांकि पशु प्रेमियों और सामाजिक संगठनों ने इस तरीके को अमानवीय बताते हुए इसकी निंदा की है। उनका कहना है कि गोवंशों को खुले मैदान में बिना पर्याप्त चारे-पानी और छाया की व्यवस्था के रखना क्रूरता की श्रेणी में आता है।
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार मामले की जानकारी मिलते ही संबंधित अधिकारियों से रिपोर्ट तलब की गई है। यदि जांच में लापरवाही पाई जाती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। वहीं पशुपालन विभाग से भी गोवंशों की स्थिति और स्वास्थ्य की जांच कराने की बात कही जा रही है।
घटना को लेकर क्षेत्र में चर्चा का माहौल है और ग्रामीणों में भी नाराजगी देखी जा रही है। लोगों का कहना है कि गोवंश संरक्षण के दावे किए जाते हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर व्यवस्थाएं अक्सर अधूरी रहती हैं। फिलहाल प्रशासन मामले की जांच में जुटा है और स्थिति को सामान्य बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं।


