अर्चित शर्मा फिरोजाबाद
परख राष्ट्रीय सर्वेक्षण 2024 के अंतर्गत प्रदर्शन व प्रशिक्षण विषय पर तृतीय बैच की दो दिवसीय कार्यशाला दिनांक 16-03-26 व 17-03-26 को जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) में आयोजित की गई।। इस कार्यशाला का उद्देश्य शिक्षकों एवं शैक्षिक कार्मिकों को परख के उद्देश्यों, प्रक्रियाओं तथा उसके प्रभावी क्रियान्वयन से अवगत कराना था।। कार्यशाला में प्राचार्य डायट मुदिता पांडेय के मार्गदर्शन में प्रशिक्षण कार्यक्रम संपन्न हुआ तथा एडीएलसी डॉ. रामशरण सेठ एवं एडीएलसी निशांत गोला ने प्रतिभागियों को विषय से संबंधित विस्तृत जानकारी प्रदान की। प्रशिक्षण के दौरान परख (Performance Assessment, Review and Analysis of Knowledge for Holistic Development) की अवधारणा को विस्तार से समझाया गया।। प्रतिभागियों को बताया गया कि परख राष्ट्रीय स्तर पर विद्यार्थियों के अधिगम परिणामों के मूल्यांकन की एक महत्वपूर्ण पहल है, जिसका उद्देश्य शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार लाना तथा विद्यार्थियों की वास्तविक सीखने की स्थिति का आकलन करना है।। इसके माध्यम से यह ज्ञात किया जाता है कि विद्यार्थी भाषा, गणित तथा अन्य विषयों में निर्धारित अधिगम स्तर तक किस सीमा तक पहुँच रहे हैं।कार्यशाला में परख डैशबोर्ड के उपयोग पर विशेष प्रशिक्षण दिया गया।। प्रशिक्षकों द्वारा बताया गया कि डैशबोर्ड के माध्यम से जिला, प्रदेश एवं देश स्तर पर उपलब्ध शैक्षिक आँकड़ों को देखा और समझा जा सकता है।। इन आँकड़ों के आधार पर विद्यालयों की उपलब्धियों, कमियों तथा सुधार की संभावनाओं का विश्लेषण किया जाता है।। प्रतिभागियों को यह भी बताया गया कि डैशबोर्ड पर उपलब्ध जानकारी का उपयोग करते हुए शिक्षण-अधिगम की योजना को अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है तथा विद्यार्थियों के सीखने में आ रही कठिनाइयों की पहचान कर उनके समाधान के लिए उपयुक्त रणनीतियाँ तैयार की जा सकती हैं।। इसके अतिरिक्त प्रशिक्षण में रुब्रिक्स आधारित मूल्यांकन प्रणाली पर भी विस्तारपूर्वक चर्चा की गई।। रुब्रिक्स को एक ऐसे मानकीकृत उपकरण के रूप में प्रस्तुत किया गया जिसके माध्यम से विद्यार्थियों के कार्य या प्रदर्शन का वस्तुनिष्ठ और पारदर्शी मूल्यांकन किया जा सकता है।। प्रशिक्षकों ने बताया कि रुब्रिक्स में विभिन्न स्तरों के मानक निर्धारित होते हैं, जिनके आधार पर यह आकलन किया जाता है कि विद्यार्थी किसी कौशल या अधिगम परिणाम को किस स्तर तक प्राप्त कर पाया है।। इससे मूल्यांकन की प्रक्रिया अधिक स्पष्ट, निष्पक्ष तथा परिणामोन्मुख बनती है। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को उदाहरणों और गतिविधियों के माध्यम से यह भी समझाया गया कि कक्षा शिक्षण में रुब्रिक्स का उपयोग किस प्रकार किया जा सकता है।। इससे शिक्षकों को विद्यार्थियों की प्रगति का सटीक आकलन करने, उनकी सीखने की कमियों की पहचान करने तथा सुधारात्मक शिक्षण की योजना बनाने में सहायता मिलती है।। कार्यशाला में उपस्थित शिक्षकों एवं प्रतिभागियों ने सक्रिय सहभागिता करते हुए अपने अनुभव साझा किए तथा परख डैशबोर्ड एवं रुब्रिक्स के प्रयोग से संबंधित विभिन्न प्रश्नों पर चर्चा की।। अंत में सभी प्रतिभागियों के साथ विचार-विमर्श कर भविष्य में विद्यार्थियों के अधिगम स्तर को बेहतर बनाने तथा शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाने के लिए आगे की रणनीति भी तैयार की गई।।


