चंद्रपुर: चंद्रपुर (Chandrapur) के ताडोबा-अंधारी बाघ अभ्यारण्य (Tadoba-Andhari Tiger Reserve) के बफर जोन में रविवार को अलग-अलग बाघ (tiger) हमलों में बांस काटने में लगे दो मजदूरों की मौत हो गई, जिससे स्थानीय निवासियों और मजदूरों में दहशत फैल गई है। मृतकों की पहचान बुदासिंग श्यामलाल मदावी (41) और प्रेम सिंह दुखी उडे (55) के रूप में हुई है, दोनों मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले के निवासी थे। वन विभाग ने इन मजदूरों को बफर क्षेत्र में बांस काटने के काम के लिए तैनात किया था।
वन अधिकारियों के अनुसार, पहली घटना ममाल रेंज के बीट नंबर 381 में हुई, जहां जंगल में काम करते समय मदावी पर बाघ ने हमला किया और उनकी मौत हो गई। लगभग 45 मिनट बाद, महादवाड़ी रेंज के बीट नंबर 357 में एक अन्य मजदूर उडे पर बाघ ने हमला किया और उनकी मौत हो गई। इन घटनाओं के बाद आसपास के इलाकों में कामगारों और ग्रामीणों में दहशत फैल गई है। स्थानीय लोगों ने बफर जोन में काम कर रहे मजदूरों की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है और वन विभाग की ऐसी घटनाओं को रोकने की क्षमता पर सवाल उठाए हैं।
इन मौतों के साथ, इस क्षेत्र में इस वर्ष मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाओं में मारे गए लोगों की संख्या बढ़कर 46 हो गई है। निवासियों ने बाघों के बढ़ते हमलों को रोकने के लिए वन विभाग से तत्काल कार्रवाई की मांग की है। वन अधिकारियों ने कहा कि आगे की जांच जारी है और प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक उपाय किए जाएंगे।


