दरभंगा: बिहार के दरभंगा (Darbhanga) में रविवार की शाम सुंदरपुर स्थित तेनु पेड़ के समीप एक रिहायशी मकान में हुए भीषण सिलेंडर ब्लास्ट (cylinder blast) ने खुशियों भरे घर को मातम में बदल दिया। खाना बनाने के दौरान गैस सिलेंडर में लगी आग ने अचानक विकराल रूप ले लिया और जबरदस्त धमाके के साथ पूरे घर को अपनी चपेट में ले लिया। इस भीषण अग्निकांड में अब तक तीन लोगों की जान जा चुकी है, जिनमें एक तीन महीने का मासूम भी शामिल है।
जानकारी के अनुसार, सुंदरपुर निवासी बेचन दास के घर में रविवार की शाम महिलाएं खाना बना रही थीं। इसी दौरान गैस सिलेंडर के रेगुलेटर या पाइप में रिसाव के कारण अचानक आग लग गई। जब तक परिवार के सदस्य कुछ समझ पाते या बचाव का प्रयास करते, सिलेंडर में जोरदार धमाका (ब्लास्ट) हो गया। धमाका इतना शक्तिशाली था कि घर की दीवारें हिल गईं और आग की लपटों ने पूरे परिसर को घेर लिया।
इस भयावह हादसे में कुल आठ लोग गंभीर रूप से झुलस गए थे। आनन-फानन में सभी घायलों को नजदीकी निजी अस्पताल और दरभंगा मेडिकल कॉलेज अस्पताल (DMCH) में भर्ती कराया गया। इलाज के दौरान तीन लोगों ने दम तोड़ दिया। मृतकों की पहचान गोविंद दास, मिसु कुमारी और महज तीन महीने के एक मासूम बच्चे के रूप में हुई है। एक ही परिवार के तीन सदस्यों की मौत ने पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ दी है।
आग बुझाने के प्रयास में और बचाव कार्य के दौरान एक अग्निशमन अधिकारी भी गंभीर रूप से झुलस गए हैं। घायलों में गृहस्वामी बेचन दास, उनका दूसरा बेटा गोविंद और पड़ोसी आदित्य शामिल हैं। सभी घायलों की स्थिति नाजुक बताई जा रही है और वे फिलहाल चिकित्सकों की कड़ी निगरानी में हैं।
घटना की सूचना मिलते ही अग्निशमन विभाग की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। संकरी गलियों और भीषण लपटों के बीच दमकल कर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। स्थानीय युवाओं ने भी अपनी जान जोखिम में डालकर घायलों को मलबे और आग से बाहर निकाला। वर्तमान में पूरे सुंदरपुर इलाके में सन्नाटा पसरा हुआ है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। प्रशासन मामले की जांच कर रहा है कि सिलेंडर में तकनीकी खराबी थी या लापरवाही।


