इटावा
भरथना क्षेत्र स्थित श्री बांके बिहारी इंटर कॉलेज में इंटरमीडिएट की रसायन विज्ञान परीक्षा के दौरान नकल कराने का बड़ा मामला सामने आया है। छात्रा की जगह एक सॉल्वर युवती को पेपर हल करते रंगे हाथों पकड़ा गया। चौंकाने वाली बात यह रही कि उसे सीसीटीवी कैमरों से बचाने के लिए कॉलेज परिसर के एक बंद भंडार गृह में छिपाकर बैठाया गया था। मामले में केंद्र व्यवस्थापक, संबंधित छात्रा और सॉल्वर युवती के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई है।
जानकारी के अनुसार परीक्षा केंद्र पर जीआईसी के प्रधानाचार्य पूरन सिंह पाल को केंद्र इंचार्ज बनाकर भेजा गया था। परीक्षा के दौरान स्टेटिक मजिस्ट्रेट और तहसीलदार निरीक्षण पर पहुंचे। नियमित जांच के दौरान उन्हें केंद्र परिसर में एक कमरे पर ताला लगा होने पर संदेह हुआ। पूछताछ करने पर स्पष्ट जवाब न मिलने से उनका शक और गहरा गया।
अधिकारियों ने कमरे का ताला खोलने के निर्देश दिए, लेकिन केंद्र व्यवस्थापक की ओर से पहले आनाकानी की गई। ताला खोलने को लेकर काफी देर तक बहस और हुज्जत होती रही। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए एसडीएम भरथना काव्यासी को मौके पर बुलाया गया। उनके पहुंचने के बाद सख्ती से ताला खुलवाया गया।
जैसे ही कमरे का दरवाजा खोला गया, अंदर का नजारा देखकर अधिकारी स्तब्ध रह गए। बंद भंडार गृह में एक युवती बैठकर इंटरमीडिएट रसायन विज्ञान का प्रश्नपत्र हल कर रही थी। जांच में स्पष्ट हुआ कि वह मूल परीक्षार्थी नहीं बल्कि सॉल्वर के रूप में आई थी और छात्रा की जगह परीक्षा हल कर रही थी।
अधिकारियों ने तुरंत सॉल्वर युवती को हिरासत में ले लिया और संबंधित छात्रा की भी पहचान की गई। पूरे घटनाक्रम की जानकारी उच्च अधिकारियों को दी गई। इसके बाद केंद्र व्यवस्थापक, छात्रा और सॉल्वर के विरुद्ध संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है।
इस घटना ने बोर्ड परीक्षा की पारदर्शिता और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। शिक्षा विभाग के अधिकारियों का कहना है कि परीक्षा की निष्पक्षता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। वहीं, प्रशासन ने अन्य परीक्षा केंद्रों पर भी सघन जांच के निर्देश दिए हैं, ताकि इस तरह की अनियमितताओं पर पूरी तरह अंकुश लगाया जा सके।


