इस्लामाबाद।
भारत और अमेरिका के बीच हुए नए व्यापार समझौते ने जहां नई दिल्ली और वॉशिंगटन के रिश्तों को मजबूती दी है, वहीं पाकिस्तान में इसे लेकर जबरदस्त नाराजगी देखने को मिल रही है। इस समझौते के बाद पाकिस्तानी सोशल मीडिया पर अपने ही प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और सेना प्रमुख जनरल आसिम मुनीर को जमकर निशाना बना रहे हैं।
सोशल मीडिया पर कई पाकिस्तानी यूजर्स सवाल उठा रहे हैं कि अमेरिका की लगातार तारीफ और कूटनीतिक “जी-हुजूरी” के बावजूद पाकिस्तान को आखिर हासिल क्या हुआ। खास तौर पर तब, जब भारत ने बिना किसी दबाव के अमेरिका से बेहतर टैरिफ डील हासिल कर ली।
भारत-पाकिस्तान के हालिया तनाव के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संघर्ष रुकवाने का दावा किया था, जिसे भारत ने सिरे से खारिज कर दिया था। इसके बावजूद पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ कई मौकों पर ट्रंप की खुलकर तारीफ करते नजर आए। अब यही बात पाकिस्तानियों को चुभ रही है।
एक्स (पूर्व ट्विटर) पर वायरल हो रही तस्वीरों और मीम्स में पाकिस्तानी सेना प्रमुख आसिम मुनीर को रोते हुए दिखाया गया है। कुछ एडिटेड पोस्टरों में पीएम मोदी और डोनाल्ड ट्रंप के साथ आसिम मुनीर को हाथ में पत्थरों से भरा बक्सा लिए खड़ा दिखाया गया, जिसे पाकिस्तान की “खाली झोली” से जोड़ा जा रहा है।
एक अन्य वायरल तस्वीर में आसिम मुनीर को अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के पैरों में बैठे हुए दिखाया गया है। इन तस्वीरों के जरिए यूजर्स पाकिस्तानी सत्ता और सेना की कथित कमजोरी और अंतरराष्ट्रीय मंच पर बेइज्जती का मजाक उड़ा रहे हैं।
ट्रेड डील के आंकड़ों ने भी पाकिस्तानियों की नाराजगी बढ़ा दी है। भारत पर जहां अमेरिका ने 18 फीसदी टैरिफ लगाया है, वहीं पाकिस्तान को 19 फीसदी टैरिफ चुकाना होगा। यूजर्स का कहना है कि भारत ने न तो दबाव में झुककर सौदे किए और न ही अपनी शर्तों से पीछे हटा, फिर भी उसे बेहतर सौदा मिला।
कुछ यूजर्स ने तो शहबाज शरीफ और आसिम मुनीर की तुलना अपमानजनक शब्दों से करते हुए की है। एक वीडियो मीम में आसिम मुनीर को डॉलर के बैग के साथ दुनिया के अलग-अलग नेताओं की गोद में बैठे दिखाया गया, जो तेजी से वायरल हो रहा है।
एक पाकिस्तानी यूजर ने लिखा, “अमेरिका और भारत के बीच व्यापार समझौता हो गया है, शुल्क घटाए गए हैं। सवाल यह है कि हमारी सरकार वैश्विक स्तर पर ऐसे आर्थिक मौके हासिल करने के लिए आखिर कर क्या रही है?”
एक अन्य यूजर जावेद हासन ने तंज कसते हुए कहा कि भारत ने ट्रंप को नोबेल पुरस्कार के लिए नामित भी नहीं किया, फिर भी उसे पाकिस्तान से बेहतर टैरिफ डील मिल गई। जवाब में एक यूजर ने लिखा कि भारत के पास दुनिया को देने के लिए बहुत कुछ है, जबकि पाकिस्तान के पास न तो मजबूत अर्थव्यवस्था है और न ही गुणवत्ता वाले उत्पाद।
गौरतलब है कि भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के तहत अमेरिका भारतीय वस्तुओं पर पारस्परिक टैरिफ 25 फीसदी से घटाकर 18 फीसदी करेगा। इससे पहले अमेरिकी टैरिफ 50 फीसदी तक पहुंच गए थे, जिसमें रूसी तेल खरीद से जुड़ा अतिरिक्त शुल्क भी शामिल था। अब इस डील ने न सिर्फ भारत को राहत दी है, बल्कि पाकिस्तान की राजनीति और सेना की भूमिका पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।


