कासगंज: थाना सुनगढ़ी क्षेत्र अंतर्गत गनेशपुर भाटान गांव में शुक्रवार सुबह मामूली विवाद ने अचानक हिंसक रूप ले लिया और दो पक्षों के बीच जमकर लाठी-डंडे तथा धारदार हथियार चलने से गांव में अफरा-तफरी मच गई। घटना में कुल 13 लोग घायल हो गए, जिनमें 12 की हालत गंभीर बताई जा रही है। गंभीर घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया है, जहां उनका इलाज जारी है। घटना के बाद गांव में तनावपूर्ण शांति बनी हुई है और एहतियातन पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार विवाद की शुरुआत गुरुवार शाम बच्चों के बीच हुई कहासुनी से हुई थी। ग्रामीणों ने उस समय दोनों पक्षों को समझाकर मामला शांत करा दिया था, लेकिन अंदर ही अंदर तनाव बना रहा। आरोप है कि शुक्रवार सुबह जब एक पक्ष की महिला घूर (कूड़ा/फूंस) डालने जा रही थी, तभी दूसरे पक्ष के लोगों ने उसे रोककर मारपीट शुरू कर दी। महिला के साथ मारपीट की सूचना मिलते ही परिजन मौके पर पहुंचे तो दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए। देखते ही देखते विवाद ने उग्र रूप धारण कर लिया और दोनों ओर से लाठी-डंडे, ईंट-पत्थर और धारदार हथियार चलने लगे।
ग्रामीण जसवीर सिंह का आरोप है कि दूसरे पक्ष के लोगों ने सुनियोजित तरीके से हमला किया और फायरिंग भी की। हालांकि फायरिंग की आधिकारिक पुष्टि पुलिस की ओर से नहीं की गई है। मारपीट में जसवीर पक्ष के हेम सिंह, जसवीर सिंह, दुर्बीन, नीरज, प्रकाश, योगेन्द्र, सावित्री, रामवीर, अमन और सुभाष गंभीर रूप से घायल हुए हैं। वहीं दूसरे पक्ष से मुकेश, संजू और रमेश को भी चोटें आई हैं।
घटना की सूचना मिलते ही थाना सुनगढ़ी पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और हालात को नियंत्रित किया। पुलिस ने सभी घायलों को तत्काल गंजडुंडवारा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद 12 घायलों की गंभीर हालत को देखते हुए जिला अस्पताल रेफर कर दिया। चिकित्सकों के अनुसार कई लोगों के सिर और शरीर के अन्य हिस्सों में गंभीर चोटें आई हैं।
थाना प्रभारी पवन कुमार ने बताया कि फिलहाल किसी भी पक्ष की ओर से तहरीर प्राप्त नहीं हुई है। तहरीर मिलने के बाद संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि गांव में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है और हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है।
घटना के बाद गांव में दहशत का माहौल है। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते समझौता नहीं कराया गया तो भविष्य में ऐसी घटनाएं और बढ़ सकती हैं। प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है और किसी भी अफवाह पर ध्यान न देने की चेतावनी दी है।


