औरैया
गांव डभारी में बृहस्पतिवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक घर के बाहर बनी झोपड़ी में अचानक आग लग गई और देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। झोपड़ी के नीचे संचालित परचून की दुकान पूरी तरह जलकर राख हो गई। इस दर्दनाक हादसे में एक भैंस की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि कई अन्य पशु गंभीर रूप से झुलस गए। आगजनी की इस घटना से पीड़ित परिवार को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है।
जानकारी के अनुसार थाना क्षेत्र के गांव डभारी निवासी श्याम चंद सविता के घर के बाहर बनी झोपड़ी के नीचे परचून की दुकान संचालित थी। बृहस्पतिवार को शाम करीब चार बजे अचानक झोपड़ी में आग लग गई। देखते ही देखते आग ने पूरी झोपड़ी और दुकान को अपनी चपेट में ले लिया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुंची, लेकिन तब तक आग ने विकराल रूप ले लिया था।
आग की लपटें इतनी तेज थीं कि झोपड़ी के आसपास बने दो अन्य छप्पर भी इसकी चपेट में आ गए, जहां पशु बंधे हुए थे। इस दौरान एक भैंस आग में झुलसकर मौके पर ही मर गई, जबकि एक अन्य भैंस और तीन पड़िया गंभीर रूप से झुलस गईं। घटना के बाद मौके पर पहुंचे पशु चिकित्सा विभाग की टीम ने घायल पशुओं का उपचार शुरू किया, वहीं मृत भैंस का पोस्टमार्टम कराया गया।
आगजनी में परचून की दुकान का पूरा सामान जलकर राख हो गया। इसके अलावा 12 बोरी गेहूं, एक मोटरसाइकिल, एक इंजन और नगदी भी आग की भेंट चढ़ गई। ग्रामीणों ने दमकल कर्मियों के साथ मिलकर कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया।
घटना की सूचना पर तहसील प्रशासन भी हरकत में आया। मौके पर पहुंचे लेखपाल शिवम यादव और विमलेश यादव ने नुकसान का आंकलन कर रिपोर्ट तैयार की है। थानाध्यक्ष गंगादास गौतम ने बताया कि आग पर समय रहते काबू पा लिया गया था। प्राथमिक जांच में शॉर्ट सर्किट के कारण आग लगने की बात सामने आई है। प्रशासन को रिपोर्ट भेज दी गई है और आगे की कार्रवाई जारी है।
इस घटना के बाद गांव में दहशत और चिंता का माहौल है। पीड़ित परिवार के सामने आजीविका का संकट खड़ा हो गया है। ग्रामीणों ने प्रशासन से आर्थिक सहायता और मुआवजा देने की मांग की है, ताकि प्रभावित परिवार को राहत मिल सके।


