हरियाणा। फरीदाबाद (Faridabad) के मुजेसर औद्योगिक क्षेत्र में सोमवार शाम एक निजी मेटल शीट कटिंग कंपनी में हुए भीषण धमाके ने औद्योगिक सुरक्षा व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। केमिकल ड्रम में हुए विस्फोट के बाद लगी आग में 30 से अधिक कर्मचारी झुलस गए, जिनमें कई की हालत नाजुक बताई जा रही है।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, शाम के समय कर्मचारी सीएनसी मशीनों पर नियमित कार्य कर रहे थे। तभी परिसर में रखे एक केमिकल ड्रम में अचानक विस्फोट हो गया। धमाका इतना तेज था कि आसपास रखे अन्य ज्वलनशील ड्रम भी एक के बाद एक फटने लगे। देखते ही देखते पूरी यूनिट आग की लपटों में घिर गई और कर्मचारी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे।
स्थानीय लोगों ने बताया कि प्रारंभिक तौर पर आग शॉर्ट सर्किट के कारण लगी प्रतीत होती है, जिसने पास में रखे तेल और केमिकल ड्रमों को अपनी चपेट में ले लिया। विस्फोट की आवाज दूर-दूर तक सुनी गई, जिससे पूरे इलाके में दहशत फैल गई।
सूचना मिलते ही पुलिस और दमकल विभाग की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। दमकल कर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। बचाव दल ने झुलसे कर्मचारियों को बाहर निकालकर एंबुलेंस के जरिए अस्पताल भिजवाया। घायलों को सिविल अस्पताल और निजी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।
अस्पताल सूत्रों के मुताबिक, कुछ कर्मचारियों के शरीर का बड़ा हिस्सा झुलस गया है और उनकी हालत गंभीर बनी हुई है। डॉक्टरों की टीम लगातार निगरानी में उपचार कर रही है। अस्पताल परिसर में परिजनों के भावुक दृश्य देखने को मिले।सुरक्षा मानकों पर उठे सवाल
पुलिस ने कंपनी प्रबंधन से अग्नि सुरक्षा और केमिकल भंडारण से संबंधित दस्तावेज तलब किए हैं। प्रारंभिक जांच में यह देखा जा रहा है कि फैक्टरी में अग्निशमन उपकरण, आपातकालीन निकास और सुरक्षा प्रशिक्षण की पर्याप्त व्यवस्था थी या नहीं। यदि लापरवाही पाई जाती है तो प्रबंधन के खिलाफ सख्त कार्रवाई की संभावना है।
श्रम विभाग और जिला प्रशासन की टीमें भी मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा ले रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट के बाद ही धमाके के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा।
औद्योगिक सुरक्षा पर गंभीर चिंता
मुजेसर औद्योगिक क्षेत्र में हुए इस बड़े हादसे ने श्रमिक सुरक्षा को लेकर नई बहस छेड़ दी है। आसपास की फैक्ट्रियों में भी सुरक्षा मानकों की समीक्षा शुरू कर दी गई है। यह घटना एक बार फिर याद दिलाती है कि औद्योगिक इकाइयों में सुरक्षा उपायों की अनदेखी किस तरह बड़े हादसे का कारण बन सकती है।फिलहाल, पूरे इलाके में तनावपूर्ण माहौल है और प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है।


