जयपुर: राजस्थान के जयपुर (Jaipur) की एक विशेष पीओसीएसओ (पोस्ट-ऑटोमेटेड सर्वाइवल) न्यायालय (Court) ने शुक्रवार को एक नाबालिग लड़की के साथ स्कूल के शौचालय में यौन उत्पीड़न के आरोप में एक व्यक्ति को 20 साल की कैद की सजा सुनाई।अदालत ने अनिल कुमार पर कक्षा द्वितीय की छात्रा के साथ स्कूल के शौचालय में यौन दुर्व्यवहार करने के आरोप में 55,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया। पीठासीन अधिकारी मीना अवस्थी ने अपने आदेश में कहा कि आरोपी ने न केवल पीड़िता का यौन उत्पीड़न किया बल्कि उसे भावनात्मक रूप से भी आघात पहुंचाया। इसलिए आरोपी के प्रति नरमी नहीं बरती जा सकती।
अभियोजन पक्ष का प्रतिनिधित्व कर रहे विशेष लोक अभियोजक सुरेंद्र सिंह राजवत ने अदालत को बताया कि पीड़िता के पिता ने 11 अक्टूबर, 2025 को गांधी नगर पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में कहा गया था कि उनकी बेटी, जो कक्षा द्वितीय की छात्रा है, सुबह लगभग 10 बजे अपने स्कूल के शौचालय गई थी। उन्होंने बताया कि आरोपी स्कूल की चारदीवारी फांदकर शौचालय में घुस गया और वहां उसने उनकी बेटी का यौन उत्पीड़न किया।
रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने अदालत में आरोपपत्र पेश किया, जिसके बाद मुकदमा शुरू हुआ।सुनवाई के दौरान पीड़िता ने अपनी आपबीती सुनाई और बताया कि घटना के बाद वह बाथरूम से बाहर निकल गई थी और उसने अपने भाई को, जो उसी स्कूल का छात्र था, घटना के बारे में बताया था। इसके बाद स्कूल के प्रधानाचार्य ने आरोपी को पकड़ा और उसे हिरासत में ले आए, जिसके बाद पीड़िता के परिवार को सूचित किया गया।


