– डीएम आशुतोष द्विवेदी पर कई गंभीर आरोप
फर्रुखाबाद।
जनपद में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना में अब एक बड़े और संगठित घोटाले की परतें खुलने लगी हैं। मामला केवल एक अपात्र लाभार्थी तक सीमित नहीं, बल्कि पूरे जनपद में फैले व्यापक फर्जीवाड़े की ओर इशारा कर रहा है, जिसमें सरकारी अभिलेखों से छेड़छाड़ तक के आरोप सामने आए हैं।
आधिकारिक दस्तावेजों के आधार पर सामने आया है कि राहुल प्रताप सिंह पुत्र स्व. रामपाल सिंह, निवासी मोहल्ला जटवारा,पल्ला विकास खंड कमालगंज, तहसील सदर, जनपद के परिवार को योजना का लाभ दिया गया, जबकि वे पात्रता की श्रेणी में नहीं आते। इसके बावजूद उनके खाते में लगातार सरकारी धन भेजा जाता रहा।
इस पूरे प्रकरण में सबसे चौंकाने वाली बात यह सामने आई है कि विभागीय रिकॉर्ड में हेरफेर और दस्तावेजों से छेड़छाड़ का खेल भी खुलकर चल रहा है। सूत्रों के अनुसार, एक सेवानिवृत्त कर्मचारी को भी सरकारी रिकॉर्ड तक पहुंच और उसमें बदलाव करने की खुली छूट दी गई, जिससे पूरे सिस्टम की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
शिकायत दर्ज होने और जांच में तथ्यों की पुष्टि के बावजूद जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा कार्रवाई न करना इस घोटाले को और संदिग्ध बना रहा है। भुगतान रोकने, वसूली करने या दोषियों पर कार्रवाई करने के बजाय मामले को दबाने की कोशिशें सामने आ रही हैं।
इस पूरे मामले में जिलाधिकारी आशुतोष कुमार द्विवेदी की भूमिका भी सवालों के घेरे में है। जनपद स्तर पर योजनाओं की निगरानी और पारदर्शिता सुनिश्चित करना उनकी जिम्मेदारी होती है, लेकिन इतने बड़े स्तर पर फर्जीवाड़ा सामने आने के बाद भी सख्त कार्रवाई न होना प्रशासनिक शिथिलता या संरक्षण की ओर इशारा करता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि किसी सेवानिवृत्त कर्मचारी को सरकारी दस्तावेजों से छेड़छाड़ की अनुमति मिल रही है, तो यह केवल लापरवाही नहीं बल्कि एक संगठित नेटवर्क का संकेत है, जिसमें विभागीय स्तर पर कई लोग शामिल हो सकते हैं।
जनपद का सबसे बड़ा वित्तीय घोटाला बनता जा रहा है, जिसमें सरकारी योजनाओं के नाम पर जनता के पैसे की खुली लूट हो रही है। यदि समय रहते उच्च स्तरीय जांच नहीं कराई गई, तो यह घोटाला और भी बड़े स्तर पर सामने आ सकता है।
फिलहाल जिले में इस खुलासे के बाद कई हलकों में हड़कंप मचा हुआ है, और जनता यह जानना चाहती है कि आखिर “जीरो टॉलरेंस” नीति के बीच इतना बड़ा खेल कैसे चलता रहा।


