नियम विरुद्ध लगाए जा रहे मोबाइल टावर, हादसे को दे रहे खुला न्योता
शाहजहांपुर।जनपद में मोबाइल टावर लगाने को लेकर नियमों की खुलेआम धज्जियाँ उड़ाई जा रही हैं। ताज़ा मामला शहर की एक बहु-मंजिला इमारत का है, जहां नियमों को ताक पर रखकर मोबाइल टावर स्थापित कर दिया गया है। यह टावर किसी बड़े हादसे का इंतज़ार करता नज़र आ रहा है।
हैरानी की बात यह है कि जिस इमारत पर यह मोबाइल टावर लगा है, उसके ठीक पास देवी प्रसाद इंटर कॉलेज स्थित है, जहां रोज़ाना सैकड़ों छात्र पढ़ने आते हैं। बच्चों की सुरक्षा से जुड़े इस गंभीर मुद्दे पर न तो स्कूल प्रशासन ने अब तक कोई आपत्ति दर्ज कराई और न ही संबंधित विभागों की नजर इस ओर पड़ी।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि इस मोबाइल टावर को लगाने की अनुमति किसने दी?
क्या निर्धारित मानकों—जैसे स्कूल से न्यूनतम दूरी, संरचनात्मक सुरक्षा, अग्नि सुरक्षा और विकिरण मानकों—का पालन किया गया? या फिर सब कुछ काग़ज़ों तक ही सीमित रह गया?
नियमों के अनुसार, शैक्षणिक संस्थानों और घनी आबादी वाले इलाकों के पास मोबाइल टावर लगाने पर सख्त प्रतिबंध और स्पष्ट दिशा-निर्देश हैं। इसके बावजूद ऐसे स्थानों पर टावरों का लगना प्रशासनिक लापरवाही या मिलीभगत की ओर इशारा करता है।
स्थानीय लोगों में भी इसको लेकर आक्रोश है। उनका कहना है कि यदि भविष्य में कोई हादसा होता है तो उसकी जिम्मेदारी कौन लेगा? क्या प्रशासन किसी अनहोनी के बाद ही जागेगा?
अब जरूरत है कि जिला प्रशासन और संबंधित विभाग तत्काल जांच कराएं, टावर की वैधता की समीक्षा हो और यदि यह नियम विरुद्ध पाया जाए तो इसे तुरंत हटाया जाए—ताकि बच्चों की जान के साथ हो रहा यह बड़ा खिलवाड़ रोका जा सके।


