लखनऊ। राजधानी में आयोजित जनता दरबार में प्रदेश के विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या में लोग अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे। जनता दरबार में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्वयं लोगों की शिकायतें सुनीं और संबंधित विभागों के अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। जनता दरबार में जमीन विवाद, पुलिस की कार्रवाई में देरी, पेंशन, आवास योजना, राशन कार्ड, चिकित्सा सहायता और राजस्व से जुड़े मामलों की सबसे अधिक शिकायतें सामने आईं।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि जनता की समस्याओं का समाधान सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि अधिकारी शिकायतों को गंभीरता से लें और समयबद्ध तरीके से उनका निस्तारण सुनिश्चित करें। जनता दरबार के दौरान कई फरियादियों ने अपनी पीड़ा सीधे मुख्यमंत्री के सामने रखी, जिनमें कई लोग ऐसे भी थे जो लंबे समय से विभिन्न कार्यालयों के चक्कर लगा रहे थे। मुख्यमंत्री ने ऐसे मामलों को विशेष प्राथमिकता के साथ निस्तारित करने के निर्देश दिए।
जनता दरबार में बड़ी संख्या में महिलाएं, बुजुर्ग और दिव्यांगजन भी अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे। कई महिलाओं ने पारिवारिक विवाद, पेंशन और आवास योजना से जुड़ी शिकायतें मुख्यमंत्री के सामने रखीं। वहीं कुछ किसानों ने जमीन से जुड़े विवाद और मुआवजे के मामलों को लेकर अपनी बात रखी। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि ऐसे मामलों में पीड़ितों को अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें और समस्याओं का समाधान पारदर्शी और त्वरित तरीके से किया जाए।
मुख्यमंत्री ने मौके पर मौजूद वरिष्ठ अधिकारियों को निर्देश दिया कि जिन मामलों में तत्काल राहत दी जा सकती है, उनमें तुरंत कार्रवाई की जाए। गंभीर मामलों की विस्तृत जांच कराकर पीड़ितों को न्याय दिलाया जाए। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य प्रशासन को संवेदनशील और जवाबदेह बनाना है, ताकि आम नागरिकों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए भटकना न पड़े। जनता दरबार में अधिकारियों की मौजूदगी में कई मामलों का मौके पर ही निस्तारण भी किया गया, जिससे फरियादियों को काफी राहत मिली।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि जनता दरबार की व्यवस्था का उद्देश्य यही है कि आम नागरिकों को सीधे शासन स्तर पर अपनी बात रखने का अवसर मिले। उन्होंने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया कि जनता से जुड़े मामलों में सहानुभूति और संवेदनशीलता के साथ कार्य करें। कार्यक्रम के दौरान संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे और उन्होंने कई मामलों में मौके पर ही रिपोर्ट प्रस्तुत कर आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी। जनता दरबार समाप्त होने के बाद भी कई अधिकारियों को अलग-अलग मामलों की जांच कर जल्द रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए।


