लखनऊ। उत्तर प्रदेश के ऊर्जा मंत्री अरविंद कुमार शर्मा (A.K. Sharma) एक बार फिर सुर्खियों में हैं। इस बार उन्होंने एक ट्वीट के माध्यम से बड़ा खुलासा करते हुए आरोप लगाया है कि उनके खिलाफ साजिश रची जा रही है। ट्वीट में उन्होंने सीधे-सीधे कहा कि बिजली विभाग के कुछ कर्मचारी और कथित यूनियन नेता विभाग को बदनाम करने की साजिश कर रहे हैं।
मंत्री शर्मा ने ट्वीट में लिखा– “मैं झुकने वाला नहीं हूं। कुछ अराजक तत्व ‘वर्दी में’ षड्यंत्र कर रहे हैं। निजीकरण के नाम पर बार-बार अराजकता फैलाई जा रही है। अब यह आंदोलन निजी हित और भ्रम फैलाने का जरिया बन गया है।”
ऊर्जा मंत्री ने साल 2010 की घटना का उल्लेख करते हुए तंज कसते हुए लिखा– “जब 2010 में आगरा टोरेंट को निजी हाथों में सौंपा गया, तब ये तथाकथित यूनियन नेता चुप थे। क्योंकि उस समय वे विदेश दौरे पर थे।”
उन्होंने चार बार हो चुकी हड़तालों पर सवाल उठाते हुए पूछा कि “क्या सिर्फ ऊर्जा विभाग ही एकमात्र ऐसा विभाग है जहां बार-बार हड़ताल होती है? जनता की सेवा को बाधित करने की कोशिश हो रही है।”
A.K. शर्मा ने स्पष्ट किया कि निजीकरण का फैसला अकेले उनका नहीं है। यह उत्तर प्रदेश सरकार की टास्क फोर्स, जिसकी अध्यक्षता मुख्य सचिव करते हैं, की सिफारिश और राज्य सरकार की उच्चस्तरीय अनुमति के आधार पर हुआ है।
अपने ट्वीट के अंत में उन्होंने लिखा– “मेरा उद्देश्य सिर्फ एक है – जनता को बेहतर बिजली सेवा देना। चाहे कितनी भी साजिशें हों, मैं पीछे नहीं हटूंगा।”
मंत्री का यह ट्वीट सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। ट्वीट में कई वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों, मुख्यमंत्री कार्यालय और भाजपा के शीर्ष नेताओं को टैग किया गया है, जिससे यह साफ है कि यह मसला अब सिर्फ विभागीय नहीं रहा।
राज्य के बिजली विभाग में बीते कुछ समय से निजीकरण को लेकर माहौल गर्म है। इस बीच मंत्री का यह ट्वीट सीधे कर्मचारियों और यूनियन नेताओं के ऊपर सवाल खड़ा कर रहा है, जिससे बिजली विभाग में हलचल तेज हो गई है।