औरैया। फफूंद थाना क्षेत्र के गांव दौलतपुर में रविवार को लंबे समय बाद विलुप्त होती जा रही गिद्ध प्रजाति के कई पक्षियों का झुंड दिखाई देने से ग्रामीणों में उत्सुकता और चर्चा का माहौल बन गया। गांव के बाहर खेतों के पास ऊंचे पेड़ों पर बैठे और आसमान में मंडराते गिद्धों को देखने के लिए आसपास के लोगों की भीड़ जमा हो गई। काफी समय बाद क्षेत्र में गिद्धों के दिखाई देने को लोग पर्यावरण के लिए सकारात्मक संकेत मान रहे हैं।
रविवार सुबह जब ग्रामीण खेतों की ओर गए तो उन्होंने गांव के बाहर खुले मैदान और पेड़ों पर कई गिद्धों को बैठे और आसमान में चक्कर लगाते हुए देखा। कुछ ही देर में यह खबर गांव में फैल गई और बड़ी संख्या में लोग गिद्धों को देखने के लिए मौके पर पहुंचने लगे। ग्रामीणों ने मोबाइल से इन पक्षियों की तस्वीरें और वीडियो भी बनाए।
ग्राम प्रधान प्रतिनिधि झल्लू यादव ने बताया कि गिद्ध प्रकृति के लिए बेहद उपयोगी पक्षी माने जाते हैं। यह मृत पशुओं को खाकर पर्यावरण को स्वच्छ रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि पिछले कई वर्षों से इस क्षेत्र में गिद्ध दिखाई नहीं देते थे, लेकिन अब अचानक उनका झुंड दिखाई देना पर्यावरणीय दृष्टि से अच्छा संकेत है।
ग्रामीणों का कहना है कि पहले गांवों और जंगलों के आसपास गिद्ध आमतौर पर दिखाई देते थे, लेकिन पिछले कई वर्षों से उनकी संख्या में भारी कमी आ गई थी। विशेषज्ञों के अनुसार दवाओं के अत्यधिक उपयोग और पर्यावरणीय बदलावों के कारण गिद्धों की संख्या में गिरावट आई है।
दौलतपुर क्षेत्र में एक साथ कई गिद्धों का दिखाई देना लोगों के लिए आश्चर्य का विषय बना हुआ है। ग्रामीणों का मानना है कि यदि इस तरह से गिद्धों की संख्या फिर से बढ़ने लगे तो यह पर्यावरण संतुलन के लिए बेहद लाभदायक साबित होगा। वहीं कुछ लोगों ने वन विभाग से भी इस दिशा में ध्यान देने की मांग की है, ताकि इन दुर्लभ पक्षियों के संरक्षण के लिए आवश्यक कदम उठाए जा सकें।


