कासगंज। जनपद की स्वास्थ्य सेवाओं में लगातार सुधार के बीच जिला अस्पताल से एक राहत भरी खबर सामने आई है, जहां चिकित्सकों की तत्परता और आधुनिक उपचार के चलते एक महिला की जान बचाई जा सकी। हार्ट अटैक जैसी गंभीर स्थिति में करीब 40 हजार रुपये कीमत का जीवनरक्षक टेनेक्टेप्लेस इंजेक्शन लगाकर मरीज को नया जीवन दिया गया। खास बात यह रही कि यह महंगा इंजेक्शन मरीज को पूरी तरह निशुल्क उपलब्ध कराया गया, जिससे आम लोगों में सरकारी अस्पतालों के प्रति भरोसा और मजबूत हुआ है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, सोरों क्षेत्र निवासी तेजसिंह की 58 वर्षीय पत्नी साधना देवी को अचानक सीने में तेज दर्द की शिकायत हुई। दर्द इतना अधिक था कि परिजन घबरा गए और तत्काल उन्हें जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। अस्पताल पहुंचते ही चिकित्सकों ने बिना समय गंवाए मरीज की गंभीरता को समझा और तत्काल प्राथमिक जांच शुरू कर दी।
ड्यूटी पर मौजूद चिकित्सक डॉ. अंकित ने मरीज की स्थिति को देखते हुए ईसीजी, ब्लड टेस्ट सहित अन्य जरूरी जांच कराई। जांच रिपोर्ट में हार्ट अटैक की आशंका स्पष्ट होने पर डॉक्टरों ने तुरंत उच्च अधिकारियों को अवगत कराया और आपातकालीन उपचार शुरू किया। समय रहते सही निर्णय लेते हुए चिकित्सकों ने टेनेक्टेप्लेस इंजेक्शन लगाने का फैसला किया, जो हार्ट अटैक के दौरान खून के थक्के को घोलकर रक्त प्रवाह को सामान्य करने में अत्यंत प्रभावी माना जाता है।
इंजेक्शन लगाए जाने के कुछ ही मिनटों के भीतर मरीज की स्थिति में सुधार दिखने लगा। साधना देवी के सीने का तेज दर्द धीरे-धीरे कम हो गया और उनकी हालत स्थिर होने लगी। अस्पताल स्टाफ और परिजनों ने राहत की सांस ली। हालांकि, बेहतर और विशेष उपचार के लिए चिकित्सकों ने एहतियातन मरीज को अलीगढ़ मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया, जहां विशेषज्ञ डॉक्टरों की निगरानी में उनका इलाज जारी है। वहां से मिली जानकारी के अनुसार मरीज की हालत में लगातार सुधार हो रहा है।
जिला अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (CMS) डॉ. संजीव सक्सेना ने बताया कि टेनेक्टेप्लेस इंजेक्शन की कीमत खुले बाजार में लगभग 40 हजार रुपये होती है, जिसे आम मरीजों के लिए खरीद पाना काफी मुश्किल होता है। लेकिन जिला अस्पताल में इसे उपलब्ध कराकर जरूरतमंद मरीजों को निशुल्क दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि यह इंजेक्शन विशेष रूप से हार्ट अटैक की आपात स्थिति में उपयोग किया जाता है और समय पर दिए जाने पर यह मरीज की जान बचाने में बेहद कारगर साबित होता है।
सीएमएस ने यह भी बताया कि शासन को इस इंजेक्शन की नियमित आपूर्ति के लिए प्रस्ताव भेजा गया है, ताकि भविष्य में किसी भी मरीज को इसकी कमी के कारण परेशानी न झेलनी पड़े। उन्होंने कहा कि अस्पताल प्रशासन का प्रयास है कि सभी आवश्यक जीवनरक्षक दवाएं और सुविधाएं जिला अस्पताल में उपलब्ध रहें, जिससे लोगों को बड़े शहरों की ओर भागना न पड़े।
इस घटना ने न केवल जिला अस्पताल के डॉक्टरों की दक्षता और तत्परता को साबित किया है, बल्कि यह भी दिखाया है कि सरकारी अस्पतालों में अब आधुनिक और प्रभावी उपचार संभव है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस तरह की सुविधाएं मिलने से गरीब और मध्यम वर्ग के मरीजों को बड़ी राहत मिलेगी और समय पर इलाज मिलने से कई जिंदगियां बचाई जा सकेंगी।
स्वास्थ्य विभाग की इस पहल को आमजन के लिए एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है, जो आने वाले समय में जिले की स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।


