पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया के दक्षिण-पश्चिमी तट पर एक 13 वर्षीय बच्चे ने ऐसा साहस दिखाया, जिसने हर किसी को हैरान कर दिया। पर्थ से करीब 200 किलोमीटर दूर क्विंडालप में छुट्टियां मना रहा एक परिवार उस वक्त समुद्री संकट में फंस गया, जब अचानक मौसम ने करवट ली और तेज हवाओं के साथ समुद्र का रुख बदल गया।
यह परिवार समुद्र किनारे इन्फ्लेटेबल पैडल बोर्ड और कश्ती के साथ समय बिता रहा था। अचानक तेज हवाओं और लहरों के कारण मां और उसके दो छोटे बच्चे कश्ती समेत गहरे समुद्र की ओर बहने लगे। हालात पल भर में इतने खतरनाक हो गए कि परिवार के सामने जान का संकट खड़ा हो गया।
13 वर्षीय जोअन एपलबी ने जैसे ही यह दृश्य देखा, उसने बिना वक्त गंवाए मदद के लिए किनारे तक पहुंचने का फैसला किया। वह अपनी कश्ती से तट की ओर बढ़ा, लेकिन रास्ते में ही उसकी कश्ती में पानी भरने लगा और वह असंतुलित हो गया।
ऐसे हालात में कोई भी घबरा सकता था, लेकिन जोअन ने हिम्मत नहीं हारी। उसने कश्ती छोड़ने का फैसला किया और सीधे समुद्र में कूद पड़ा। जान जोखिम में डालते हुए उसने तैरकर किनारे तक पहुंचने की ठान ली, क्योंकि उसे पता था कि अगर वह मदद नहीं लाया तो उसका परिवार बच नहीं पाएगा।
जोअन ने करीब चार घंटे तक समुद्र में तैराकी की। इस दौरान उसे अपनी लाइफ जैकेट तक उतारनी पड़ी ताकि वह तेजी से आगे बढ़ सके। उसने बिना किसी सहारे ब्रेस्टस्ट्रोक और फ्रीस्टाइल के जरिए खुद को लहरों के खिलाफ आगे बढ़ाया।
लगभग चार किलोमीटर का कठिन सफर तय कर जब वह किनारे पहुंचा, तब तक उसका शरीर पूरी तरह थक चुका था। रेत पर गिरते ही उसकी सांसें तेज चलने लगीं और कुछ पल के लिए ऐसा लगा मानो अब वह उठ भी नहीं पाएगा।
लेकिन मां और छोटे भाई-बहनों का ख्याल आते ही उसने खुद को संभाला। उसने दो किलोमीटर दूर स्थित फोन तक पहुंचने के लिए दौड़ लगाई, ताकि आपातकालीन सेवाओं को सूचना दे सके।
जोअन की सूचना मिलते ही पुलिस और बचाव दल ने तुरंत रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। समुद्र में बह रहे परिवार को खोजने के लिए नावें और अन्य संसाधन लगाए गए और आखिरकार मां व दोनों बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।
बचाव के बाद अधिकारियों ने जोअन की हिम्मत और सूझबूझ की जमकर तारीफ की। स्थानीय लोगों का कहना है कि इतनी कम उम्र में ऐसा साहस विरले ही देखने को मिलता है।
यह घटना न सिर्फ एक रोमांचक बचाव कहानी है, बल्कि यह भी दिखाती है कि संकट की घड़ी में साहस, धैर्य और अपनों के लिए जिम्मेदारी किस तरह किसी को हीरो बना देती है। 13 वर्षीय जोअन एपलबी आज सिर्फ अपने परिवार के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे इलाके के लिए प्रेरणा बन गया है।


