नई दिल्ली। देश की सियासत में आमतौर पर तीखी बयानबाजी और टकराव देखने को मिलता है, लेकिन शनिवार को संसद परिसर में एक अलग ही नज़ारा देखने को मिला। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कांग्रेस नेता राहुल गांधी के बीच अचानक हुई मुलाकात ने राजनीतिक गलियारों में चर्चा का माहौल गर्म कर दिया।
बताया जा रहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी संसद परिसर में समाज सुधारक ज्योतिबा फुले की 200वीं जयंती के अवसर पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करने पहुंचे थे। इसी दौरान राहुल गांधी भी वहां मौजूद थे। दोनों नेताओं ने एक-दूसरे का अभिवादन किया, हाथ मिलाया और फिर कुछ देर तक अनौपचारिक बातचीत करते नजर आए।
इस मुलाकात को इसलिए भी खास माना जा रहा है क्योंकि आमतौर पर सत्ताधारी दल और विपक्ष के बीच इस तरह की सहज बातचीत बहुत कम देखने को मिलती है। संसद के भीतर जहां दोनों पक्षों के बीच अक्सर तीखी बहस और आरोप-प्रत्यारोप होते रहते हैं, वहीं यह दृश्य एक सकारात्मक संकेत के रूप में देखा जा रहा है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस तरह की मुलाकातें लोकतंत्र की स्वस्थ परंपरा को मजबूत करती हैं और यह दर्शाती हैं कि मतभेदों के बावजूद संवाद की गुंजाइश हमेशा बनी रहती है। हालांकि इस बातचीत में क्या चर्चा हुई, इसकी आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है, लेकिन दोनों नेताओं के सहज और सौहार्दपूर्ण व्यवहार ने यह जरूर संकेत दिया कि राजनीति में व्यक्तिगत स्तर पर संवाद कायम रहना बेहद जरूरी है।
इस घटनाक्रम के बाद संसद परिसर में मौजूद अन्य सांसदों और अधिकारियों के बीच भी इस मुलाकात को लेकर चर्चाओं का दौर चलता रहा। सोशल मीडिया पर भी यह तस्वीर तेजी से वायरल हो रही है, जहां लोग इसे भारतीय राजनीति में सकारात्मक बदलाव के संकेत के रूप में देख रहे हैं।
संसद परिसर में सियासी सौहार्द की झलक: पीएम मोदी और राहुल गांधी के बीच हुई दुर्लभ मुलाकात : हाथ मिलाया, मुस्कुराए और देर तक हुई बातचीत


