औरैया
जनपद में एलपीजी गैस की कमी को लेकर फैली अफवाहों और आपूर्ति में आई हल्की बाधा ने उपभोक्ताओं की चिंता बढ़ा दी है। इसी के चलते अब लोग तेजी से पाइप्ड नेचुरल गैस (पीएनजी) की ओर रुख कर रहे हैं। शुक्रवार को सामने आए आंकड़ों के अनुसार, जिले में पीएनजी कनेक्शन के लिए करीब 6 हजार नए आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिससे गैस कंपनियों और प्रशासन में हलचल मच गई है।
दरअसल, इजरायल-ईरान युद्ध के बाद एलपीजी की कमी की खबरों ने लोगों के बीच असमंजस की स्थिति पैदा कर दी। हालांकि यह कमी पूरी तरह वास्तविक नहीं थी, लेकिन कुछ दिनों तक आपूर्ति प्रभावित रहने के कारण लोगों ने वैकल्पिक व्यवस्था की तलाश शुरू कर दी। ऐसे में पीएनजी कनेक्शन को सुरक्षित और सुविधाजनक विकल्प मानते हुए बड़ी संख्या में उपभोक्ताओं ने इसके लिए आवेदन कर दिया।
वर्तमान समय में औरैया, दिबियापुर और फफूंद क्षेत्र में करीब 8 हजार उपभोक्ता पहले से ही पीएनजी गैस का उपयोग कर रहे हैं। लेकिन हालिया स्थिति के बाद इस संख्या में तेजी से बढ़ोतरी होने की संभावना जताई जा रही है। नए आवेदन करने वालों में घरेलू उपभोक्ताओं के साथ-साथ व्यावसायिक प्रतिष्ठान भी शामिल हैं। जानकारी के मुताबिक, करीब 50 से अधिक आवेदन कमर्शियल श्रेणी से जुड़े हैं, जिनमें रेस्टोरेंट, गेस्ट हाउस और अन्य व्यावसायिक इकाइयां शामिल हैं।
गैस आपूर्ति से जुड़ी कंपनी टोरंटो गैस के एरिया मैनेजर आरके दास ने बताया कि उपभोक्ताओं को तेजी से कनेक्शन उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जहां तकनीकी रूप से संभव होता है, वहां 10 दिनों के भीतर पीएनजी कनेक्शन चालू कर दिया जाता है। पिछले एक माह में ही 200 से अधिक नए कनेक्शन जारी किए जा चुके हैं, जबकि हजारों आवेदन अभी प्रक्रिया में हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि पीएनजी गैस एलपीजी के मुकाबले अधिक सुरक्षित, सस्ती और निरंतर आपूर्ति देने वाली व्यवस्था है। इसमें सिलिंडर खत्म होने की चिंता नहीं रहती और न ही बार-बार बुकिंग की झंझट होती है। यही कारण है कि अब लोग धीरे-धीरे इस ओर आकर्षित हो रहे हैं।
फिलहाल, औरैया में एलपीजी को लेकर बनी स्थिति ने पीएनजी को एक मजबूत विकल्प के रूप में स्थापित कर दिया है। यदि यही रुझान जारी रहा तो आने वाले समय में जिले में गैस उपभोग का पैटर्न तेजी से बदल सकता है।


