वॉशिंगटन
दुनिया के लोकप्रिय मैसेजिंग प्लेटफॉर्म व्हाट्सऐप की प्राइवेसी को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। इलॉन मस्क और पावेल ड्यूरोव ने व्हाट्सऐप की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए हैं। मस्क ने जहां इसे अविश्वसनीय बताया, वहीं ड्यूरोव ने इसे “एन्क्रिप्शन के नाम पर सबसे बड़ा धोखा” करार दिया।
यह विवाद उस समय शुरू हुआ जब अमेरिका में व्हाट्सऐप के खिलाफ एक क्लास एक्शन मुकदमा दायर किया गया। कैलिफोर्निया की फेडरल कोर्ट में दाखिल इस याचिका में मेटा प्लेटफॉर्म्स और एक्सेंचर को पक्षकार बनाया गया है। याचिकाकर्ताओं का आरोप है कि व्हाट्सऐप अपने यूजर्स के निजी मैसेज को इंटरसेप्ट कर तीसरी पार्टियों के साथ साझा करता है।
मुकदमे में दावा किया गया है कि “एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन” के बावजूद यूजर्स की बातचीत पूरी तरह सुरक्षित नहीं है। हालांकि व्हाट्सऐप लंबे समय से दावा करता रहा है कि उसके प्लेटफॉर्म पर भेजे गए संदेश केवल भेजने वाले और प्राप्त करने वाले ही पढ़ सकते हैं और कोई तीसरा व्यक्ति या कंपनी इन्हें एक्सेस नहीं कर सकती।
इस बीच एक्स के मालिक मस्क ने यूजर्स से एक्स चैट इस्तेमाल करने की अपील की है और बेहतर प्राइवेसी का दावा किया है। वहीं टेलीग्राम के CEO ड्यूरोव ने भी व्हाट्सऐप पर यूजर्स को गुमराह करने का आरोप लगाया और अपने प्लेटफॉर्म को ज्यादा सुरक्षित बताया।
वहीं मेटा ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। कंपनी का कहना है कि व्हाट्सऐप पिछले कई वर्षों से सुरक्षित सिग्नल प्रोटोकॉल का इस्तेमाल कर रहा है और यूजर्स के मैसेज पूरी तरह निजी रहते हैं। गौरतलब है कि मस्क और मार्क जुकरबर्ग के बीच तकनीकी और व्यावसायिक प्रतिस्पर्धा पहले से ही चली आ रही है, जिससे यह विवाद और भी चर्चा में आ गया है।


