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Thursday, April 9, 2026

मोबाइल चोरी के शक में दो बेटियों की हत्या करने वाले पिता को उम्रकैद, अदालत ने सुनाया सख्त फैसला

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मैनपुरी

जनपद के कोतवाली क्षेत्र में छह वर्ष पहले हुए दिल दहला देने वाले दोहरे हत्याकांड में अदालत ने सख्त रुख अपनाते हुए आरोपी पिता को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अपर जिला जज षष्टम विष्णु कुमार मिश्रा की अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए दोषी पर 27 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। इसके साथ ही अवैध तमंचा रखने के मामले में अतिरिक्त दो वर्ष की सजा और दो हजार रुपये का जुर्माना भी सुनाया गया है।
मामला कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला रामलीला मैदान का है, जहां शिवदेश शर्मा नामक व्यक्ति राजमिस्त्री का कार्य करता था और अपने परिवार का पालन-पोषण करता था। उसके परिवार में पत्नी रामा देवी, 20 वर्षीय पुत्री नेहा, 18 वर्षीय पुत्री अनामिका और एक पुत्र शामिल थे। मार्च 2020 में एक मामूली घटना ने ऐसा भयावह रूप ले लिया, जिसने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया।
घटना के अनुसार 13 मार्च 2020 को शिवदेश अपने परिचित पवन शर्मा के घर चिनाई का काम करने गया था, जहां दोनों के बीच मित्रता हो गई। होली के बाद 17 मार्च को वह अपने परिवार के साथ पवन के घर गया। इसके अगले दिन 18 मार्च को पवन की मां का मोबाइल फोन चोरी होने की बात सामने आई। इस बात को लेकर शिवदेश ने घर आकर अपनी बेटियों से पूछताछ की और बाद में उन्हें पीटा भी, जिस पर दोनों बेटियों ने कथित रूप से मोबाइल लौटा दिया।
इसके बावजूद शिवदेश का गुस्सा शांत नहीं हुआ। रात करीब 10 बजे वह घर लौटा और दोनों बेटियों नेहा व अनामिका को कमरे में ले जाकर तमंचे से गोली मार दी, जिससे दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। इस निर्मम घटना के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई थी और परिजनों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा था।
घटना के बाद मृतक बेटियों की मां रामा देवी ने अपने पति के खिलाफ कोतवाली में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। पुलिस ने विवेचना कर साक्ष्य जुटाए और आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने ठोस साक्ष्य और गवाहों के आधार पर आरोपी के खिलाफ आरोप साबित किए।
न्यायालय ने सभी तथ्यों और साक्ष्यों का अवलोकन करते हुए शिवदेश शर्मा को अपनी ही बेटियों की हत्या का दोषी करार दिया और उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही, हत्या में प्रयुक्त अवैध तमंचा बरामद होने के आधार पर आर्म्स एक्ट के तहत भी दोष सिद्ध होने पर अतिरिक्त सजा दी गई।
इस फैसले के बाद यह स्पष्ट संदेश गया है कि कानून ऐसे जघन्य अपराधों के प्रति सख्त है और किसी भी परिस्थिति में दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। घटना ने समाज को झकझोर कर रख दिया है और यह सवाल खड़ा किया है कि छोटी-छोटी बातों पर हिंसा का रास्ता अपनाना किस हद तक उचित है।

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