मथुरा
गुरुवार को रेलवे
की सतर्कता और तकनीकी टीम की तत्परता के चलते एक बड़ा रेल हादसा टल गया। गाड़ी संख्या 12650 में अचानक आई तकनीकी खराबी के कारण कुछ कोचों के पहियों से धुआं उठने लगा, जिससे यात्रियों में हड़कंप मच गया। हालांकि समय रहते ट्रेन को रोककर जांच और मरम्मत कर ली गई, जिससे किसी भी प्रकार की जनहानि नहीं हुई।
प्राप्त जानकारी के अनुसार यह घटना वृंदावन और भूतेश्वर रेलवे स्टेशन के बीच किलोमीटर संख्या 1405/21 के पास एडवांस सिग्नल के निकट हुई। सुबह करीब 10:04 बजे डीएसीआर आगरा से रेलवे सुरक्षा बल को सूचना दी गई कि ट्रेन में ब्रेक बाइंडिंग की समस्या उत्पन्न हो गई है, जिसके चलते कुछ डिब्बों के पहियों से धुआं निकल रहा है।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए ट्रेन को तुरंत रोका गया और करीब 9:34 बजे से 10:01 बजे तक मौके पर ही खड़ा रखकर तकनीकी जांच की गई। इसके बाद ट्रेन को सावधानीपूर्वक मथुरा जंक्शन की मेन लाइन तक लाया गया, जहां रेलवे अधिकारियों की संयुक्त टीम ने विस्तृत निरीक्षण किया।
जांच में सामने आया कि कोच बी-1, बी-2 और बीई-1 के ब्रेक शूज पहियों से चिपक गए थे, जिसके कारण घर्षण बढ़ने से धुआं उठने लगा। मौके पर मौजूद एसी मैकेनिक और टीटीई ने भी इस तकनीकी खामी की पुष्टि की। अधिकारियों के अनुसार इंजन का एयर ड्रायर सही तरीके से कार्य नहीं कर रहा था, जिससे यह समस्या उत्पन्न हुई।
मथुरा जंक्शन पर स्टेशन अधीक्षक, डिप्टी एसएस, एसएसई कैरिज एंड वैगन, इलेक्ट्रिक सुपरवाइजर और मुख्य लोको निरीक्षक सहित कई वरिष्ठ अधिकारियों ने संयुक्त रूप से जांच की। जांच में यह स्पष्ट किया गया कि यह पूरी तरह तकनीकी खराबी का मामला है और इसमें किसी भी प्रकार की आपराधिक साजिश या हस्तक्षेप नहीं पाया गया।
ट्रेन को मथुरा जंक्शन पर सुबह 10:15 बजे से 10:57 बजे तक रोककर आवश्यक मरम्मत कार्य किया गया, जिसके बाद उसे सुरक्षित रूप से आगे के लिए रवाना कर दिया गया। जनसंपर्क अधिकारी प्रशस्ति श्रीवास्तव ने बताया कि यह ‘हॉट एक्सल’ की घटना नहीं थी, बल्कि ब्रेक शूज के चिपकने के कारण धुआं उठा था।
रेलवे अधिकारियों की सतर्कता और त्वरित कार्रवाई के चलते एक संभावित बड़ा हादसा टल गया, जिससे यात्रियों ने राहत की सांस ली।


