लखनऊ
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक पोस्ट साझा करने के मामले में समाजवादी पार्टी के नेता आईपी सिंह के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। यह मामला लखनऊ के हजरतगंज कोतवाली में दर्ज हुआ है, जिसके बाद राजनीतिक हलकों में हलचल तेज हो गई है।
शिकायतकर्ता धर्म सिंह की तहरीर पर दर्ज एफआईआर में आरोप लगाया गया है कि आईपी सिंह ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म (एक्स) पर मुख्यमंत्री की तस्वीर के साथ एक एडिटेड और आपत्तिजनक वीडियो पोस्ट किया। इस वीडियो में कथित रूप से मुख्यमंत्री की छवि को गलत तरीके से प्रस्तुत करते हुए गंभीर आरोप लगाए गए, जिससे जनभावनाएं आहत हुई हैं।
तहरीर में यह भी कहा गया है कि पोस्ट में आरक्षण, भर्ती घोटाले और जातिगत टिप्पणियों जैसे संवेदनशील मुद्दों को जोड़कर भ्रामक और भड़काऊ माहौल बनाने की कोशिश की गई। शिकायतकर्ता के अनुसार, इस तरह की सामग्री से समाज में भ्रम और अशांति फैलने की आशंका है।
पुलिस ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 196, 299, 356, 352, 353 और 67 के तहत मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
एफआईआर दर्ज होने के बाद आईपी सिंह ने एक और पोस्ट साझा करते हुए तंज कसा और लिखा कि “आपकी सरकार है, एक मीम डालने पर फांसी पर लटका दीजिए।” इस बयान के बाद मामला और गरमा गया है।
आईपी सिंह का नाम पहले भी कई विवादों में सामने आ चुका है। वर्ष 2020 में उनके खिलाफ अपहरण और जबरन वसूली का मामला दर्ज हुआ था। इसके अलावा वर्ष 2019 में आपत्तिजनक टिप्पणी के चलते उन्हें भाजपा से निष्कासित कर दिया गया था। बाद में उन्होंने अखिलेश यादव की अगुवाई में समाजवादी पार्टी ज्वाइन कर ली, जहां वे लगातार अपने बयानों और सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर चर्चा में बने रहते हैं।


