22 C
Lucknow
Thursday, April 9, 2026

कूड़ा संकट: दावों के बीच बदहाल सफाई व्यवस्था, जनता परेशान

Must read

 

लखनऊ
डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन की व्यवस्था पूरी तरह चरमराती नजर आ रही है। मेयर और नगर आयुक्त के दावों के बावजूद 110 वार्डों में सफाई व्यवस्था बिगड़ी हुई है, जिससे शहरवासियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कई इलाकों में कई दिनों तक कूड़ा नहीं उठने से सड़कों और कॉलोनियों में गंदगी का अंबार लग गया है।

नगर निगम के कंट्रोल रूम में बीते कुछ दिनों में ढाई हजार से अधिक शिकायतें दर्ज की जा चुकी हैं। लोग लगातार कूड़ा न उठने की शिकायत कर रहे हैं, लेकिन समस्या का समाधान समय पर नहीं हो पा रहा है। रिहायशी इलाकों में सड़ते कचरे से उठती दुर्गंध ने लोगों का जीना दूभर कर दिया है और स्वास्थ्य संबंधी खतरे भी बढ़ गए हैं।

स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने भी इस मुद्दे पर चिंता जताई है। भाजपा पार्षद रामनरेश रावत का कहना है कि कूड़ा कलेक्शन की व्यवस्था पूरी तरह से पटरी से उतर चुकी है। लोगों को शिकायत के कई दिन बाद सफाईकर्मी मिलते हैं, जिससे घरों और गलियों में कूड़ा जमा हो रहा है और हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं।

कूड़ा प्रबंधन का जिम्मा नई कंपनियों को सौंपने के फैसले पर भी सवाल उठ रहे हैं। पार्षदों का कहना है कि कार्यदायी संस्थाएं काम करने में पूरी तरह विफल साबित हो रही हैं, जबकि उन्हें करोड़ों रुपये का भुगतान किया जा रहा है। इसके चलते कॉलोनियों में लोग मजबूरी में कूड़ा सड़कों और खाली प्लॉटों में फेंक रहे हैं।

इधर, नगर निगम के अस्थायी सफाई कर्मचारी भी विरोध में उतर आए हैं। कर्मचारी नेताओं का कहना है कि नई एजेंसियां काम नहीं कर रहीं, जबकि पहले नगर निगम की अपनी व्यवस्था बेहतर थी। इस मुद्दे को लेकर सफाई कर्मचारी संघ ने अधिकारियों से मुलाकात कर स्थिति सुधारने की मांग की है।

हालांकि, मेयर और नगर आयुक्त द्वारा सख्त निर्देश दिए गए हैं और अधिकारियों को सुबह निरीक्षण करने के आदेश भी दिए गए, लेकिन जमीनी स्तर पर कोई खास सुधार नहीं दिख रहा है। अफसरों की कार्रवाई खानापूर्ति तक सीमित नजर आ रही है, जबकि आम जनता अब भी गंदगी और बदहाल सफाई व्यवस्था से जूझ रही है।

Must read

More articles

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Latest article