गाजियाबाद
प्रदेश में साइबर अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत एसटीएफ गौतमबुद्धनगर और आगरा की संयुक्त टीमों ने बड़ी सफलता हासिल की है। टीम ने गाजियाबाद और अन्य शहरों के लोगों से करोड़ों रुपये की ठगी करने वाले दो शातिर आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपियों में एक पर करीब 800 करोड़ रुपये और दूसरे पर करीब तीन करोड़ रुपये की ठगी का आरोप है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मुख्य आरोपी जतिंद्र राम ने वर्ष 2022 में अपनी फर्जी कंपनी बनाकर शेयर बाजार और आईपीओ में निवेश का झांसा देना शुरू किया। उसने देशभर में हजारों लोगों को ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म से जोड़कर उनके नाम पर हजारों अकाउंट खुलवाए और धीरे-धीरे उन्हें बड़े मुनाफे का लालच देकर निवेश के लिए प्रेरित किया। बाद में उसने निवेश की रकम को हड़प लिया और फरार हो गया।
जांच में सामने आया कि आरोपी ने देहरादून, नोएडा, मुजफ्फरनगर, अंबाला, फरीदाबाद, हरिद्वार, ऋषिकेश और गाजियाबाद सहित कई शहरों के लोगों को निशाना बनाया। गाजियाबाद निवासी एक पीड़ित से ही 55 लाख रुपये की ठगी की गई, जबकि दिल्ली के एक अन्य व्यक्ति से करीब दो करोड़ रुपये ऐंठे गए। आरोपी क्रिप्टोकरेंसी और यूएसडीटी के माध्यम से भी ठगी को अंजाम देता था।
वहीं, दूसरे आरोपी रूपेश भारद्वाज ने भी अपने सहयोगियों के साथ मिलकर फर्जी कंपनी बनाकर निवेशकों को दोगुना पैसा लौटाने का लालच दिया। उसने विभिन्न शहरों के लोगों से करोड़ों रुपये की ठगी की और कंपनी बंद कर फरार हो गया। उसके खिलाफ एनसीआरपी पोर्टल पर कई शिकायतें दर्ज हैं, जिससे उसकी आपराधिक गतिविधियों का दायरा काफी बड़ा माना जा रहा है।
एसटीएफ की टीम ने तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर की सूचना के आधार पर दोनों आरोपियों को अलग-अलग स्थानों से गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी के दौरान आरोपियों के पास से कई मोबाइल फोन, फर्जी दस्तावेज और अन्य संदिग्ध सामग्री भी बरामद की गई है, जिनकी जांच की जा रही है। पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुट गई है।
फिलहाल दोनों आरोपियों के खिलाफ संबंधित थानों में मुकदमा दर्ज कर उन्हें आगे की कार्रवाई के लिए सौंप दिया गया है। पुलिस का कहना है कि इस गिरोह के तार देश के कई राज्यों से जुड़े हो सकते हैं, इसलिए मामले की गहन जांच की जा रही है। अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि किसी भी तरह के निवेश से पहले पूरी जांच-पड़ताल जरूर करें, ताकि इस तरह की साइबर ठगी से बचा जा सके।


