नई दिल्ली
नितिन नवीन ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के ‘भाजपा और आरएसएस को जहरीला सांप’ कहे जाने वाले बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने इस टिप्पणी को सांप्रदायिक भावनाएं भड़काने की कोशिश बताते हुए इसे “सस्ती मानसिकता” का उदाहरण करार दिया। उनके मुताबिक, कांग्रेस का यह रवैया नया नहीं है और ऐसे बयान समाज में नकारात्मक असर डालते हैं।
नितिन नवीन ने कहा कि कांग्रेस की पुरानी परंपरा रही है कि वह चुनावी माहौल में इस तरह की भाषा का इस्तेमाल करती है, लेकिन जनता अब इन बातों को समझ चुकी है। उन्होंने दावा किया कि ऐसे विवादित बयानों का फायदा अंततः भाजपा को ही मिलता है और लोग पार्टी को समर्थन देते हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कांग्रेस नेतृत्व लगातार स्तरहीन राजनीति कर रहा है।
भाजपा नेता ने खड़गे के बयान के पीछे राहुल गांधी और सोनिया गांधी को जिम्मेदार ठहराया। उनका कहना था कि कांग्रेस में निर्णय “रिमोट कंट्रोल” से लिए जाते हैं और खड़गे उसी के तहत बयान देते हैं। उन्होंने कांग्रेस नेतृत्व पर निशाना साधते हुए कहा कि पार्टी की सोच और दिशा दोनों कमजोर हो चुकी हैं।
दरअसल, खड़गे ने 6 अप्रैल को असम में एक चुनावी रैली के दौरान भाजपा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ पर विवादित टिप्पणी की थी। उन्होंने धार्मिक संदर्भ देते हुए दोनों संगठनों की तुलना ‘जहरीले सांप’ से की थी, जिस पर अब राजनीतिक घमासान तेज हो गया है।
नितिन नवीन ने खड़गे के उस बयान की भी आलोचना की, जिसमें उन्होंने केरल और गुजरात के लोगों की तुलना की थी। उन्होंने कहा कि गुजरात महात्मा गांधी और सरदार पटेल की भूमि है और यहां के लोगों को लेकर इस तरह की टिप्पणी करना अनुचित है। साथ ही उन्होंने नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश के विकास का भी जिक्र किया।
अन्य राजनीतिक मुद्दों पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि एनडीए में किसी तरह का मतभेद नहीं है और सब कुछ नीतीश कुमार के नेतृत्व में सुचारु रूप से चल रहा है। वहीं ममता बनर्जी पर निशाना साधते हुए उन्होंने दावा किया कि इस बार पश्चिम बंगाल में भाजपा की सरकार बनेगी। कुल मिलाकर, खड़गे के बयान के बाद सियासी बयानबाजी और तेज हो गई है, जिससे चुनावी माहौल और गरमा गया है।


