नगर निगम पर गंभीर आरोप, खर्च दिखाया जा रहा—सफाई जमीनी स्तर पर गायब
लखनऊ। शहर की साफ-सफाई व्यवस्था एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है। IGP कार्यालय के सामने स्थित वेंडिंग जोन में सफाई को लेकर बड़ा खेल सामने आया है। आरोप है कि नगर निगम हर महीने करीब 70 हजार रुपये सफाई के नाम पर खर्च दिखा रहा है, लेकिन वास्तविकता इससे बिल्कुल अलग है।
स्थानीय दुकानदारों का कहना है कि सफाई की जिम्मेदारी उन्हें खुद उठानी पड़ रही है। वे अपनी जेब से पैसे खर्च कर सफाई कर्मियों को बुलाकर व्यवस्था बनाए रखने को मजबूर हैं, जबकि सरकारी रिकॉर्ड में नियमित सफाई दर्शाई जा रही है।
“फोटो खिंचाने तक सीमित सफाई कर्मी”
दुकानदारों और स्थानीय लोगों का आरोप है कि नगर निगम के सफाई कर्मी मौके पर सिर्फ औपचारिकता निभाने आते हैं। वे केवल फोटो खिंचवाकर अपनी उपस्थिति दर्ज कराते हैं, लेकिन वास्तविक सफाई कार्य नहीं किया जाता।
इस पूरे मामले को लेकर क्षेत्रीय पार्षद शैलेंद्र वर्मा ने नगर निगम पर गंभीर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि सफाई के नाम पर सरकारी धन का दुरुपयोग किया जा रहा है और जिम्मेदार अधिकारी इस पर आंख मूंदे बैठे हैं।
जांच की उठी मांग
मामले के उजागर होने के बाद स्थानीय व्यापारियों और नागरिकों में आक्रोश है। उन्होंने पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
अब देखना होगा कि प्रशासन इस गंभीर आरोप पर क्या कदम उठाता है, या फिर यह मामला भी अन्य मामलों की तरह ठंडे बस्ते में चला जाएगा।
सफाई व्यवस्था पर सवाल, IGP के सामने वेंडिंग जोन में “सफाई का खेल” उजागर


