रायबरेली। जनपद के डलमऊ रेलवे क्षेत्र में स्थित देशी शराब के ठेके को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। आरोप है कि निर्धारित समय से पहले ही दुकान खोलकर खुलेआम शराब की बिक्री की जा रही है, जिससे स्थानीय लोगों में नाराजगी और आक्रोश बढ़ता जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि यह कोई एक दिन की घटना नहीं, बल्कि लंबे समय से जारी अनियमितता है, जिस पर जिम्मेदार अधिकारी आंखें मूंदे बैठे हैं।
स्थानीय निवासियों के मुताबिक, सुबह निर्धारित समय से काफी पहले ही ठेका खोल दिया जाता है और ग्राहकों को शराब बेची जाती है। इससे क्षेत्र में असामाजिक तत्वों की आवाजाही बढ़ जाती है और माहौल खराब होता है। रेलवे क्षेत्र होने के कारण यहां यात्रियों और आम लोगों की आवाजाही अधिक रहती है, जिससे यह स्थिति और भी संवेदनशील बन जाती है।
लोगों ने आबकारी विभाग पर सीधा आरोप लगाते हुए कहा है कि बिना विभागीय मिलीभगत के इस तरह की खुलेआम नियमों की अनदेखी संभव नहीं है। कई बार शिकायत किए जाने के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई, जिससे विभाग की कार्यशैली पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
ग्रामीणों का यह भी कहना है कि समय से पहले शराब बिक्री होने से युवाओं और मजदूर वर्ग पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है। सुबह-सुबह ही शराब उपलब्ध होने से नशे की प्रवृत्ति बढ़ रही है, जिससे सामाजिक ताने-बाने पर असर पड़ रहा है।
स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन और उच्च अधिकारियों से मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। साथ ही यह भी कहा है कि क्षेत्र में नियमित जांच और निगरानी व्यवस्था मजबूत की जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की अनियमितताओं पर रोक लगाई जा सके। फिलहाल इस मामले ने प्रशासनिक लापरवाही और नियमों के पालन पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
समय से पहले खुली शराब की दुकान पर विवाद, आबकारी विभाग पर मिलीभगत के आरोप


