लखनऊ। उत्तर प्रदेश में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की कालाबाजारी पर लगाम कसने के लिए सरकार ने व्यापक अभियान चलाया है। इस अभियान के तहत अब तक 23 हजार से अधिक छापेमारी की गई है और 238 एफआईआर दर्ज की गई हैं, जिससे अवैध भंडारण और मुनाफाखोरी करने वालों में हड़कंप मच गया है।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, कार्रवाई के दौरान 22 लोगों को मौके से गिरफ्तार किया गया है, जबकि 249 लोगों के खिलाफ अभियोजन की कार्रवाई की गई है। प्रशासन का कहना है कि यह सख्त कदम कालाबाजारी को रोकने और आम जनता को राहत देने के उद्देश्य से उठाया गया है।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि प्रदेश में ईंधन की कोई कमी नहीं है। वर्तमान में करीब 92,000 किलोलीटर पेट्रोल और 1.22 लाख किलोलीटर डीजल का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है, जिससे आपूर्ति पूरी तरह सामान्य बनी हुई है। इसके साथ ही प्रदेश में अब तक 15.94 लाख पीएनजी कनेक्शन भी जारी किए जा चुके हैं, जो वैकल्पिक ईंधन व्यवस्था को मजबूत कर रहे हैं।
प्रशासन ने जनता से अपील की है कि किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें और घबराकर ईंधन की खरीदारी या अनावश्यक भंडारण न करें। अधिकारियों ने कहा है कि इस तरह की गतिविधियां न केवल कानूनन अपराध हैं, बल्कि इससे अन्य लोगों को परेशानी भी होती है।
सरकार का कहना है कि कालाबाजारी के खिलाफ यह अभियान लगातार जारी रहेगा और दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी, ताकि ईंधन आपूर्ति व्यवस्था सुचारू और पारदर्शी बनी रहे।
कालाबाजारी पर सख्ती: 23 हजार छापे, 238 एफआईआर—योगी सरकार की निगरानी से ईंधन आपूर्ति पर नियंत्रण


