बरेली
एलपीजी की किल्लत के बीच अब पांच किलो वाले छोटे गैस सिलिंडर भी लोगों के लिए बड़ी परेशानी बनते जा रहे हैं। खासकर किराये के कमरों, निजी छात्रावासों में रहने वाले विद्यार्थियों और प्रवासी मजदूरों को इन छोटे सिलिंडरों पर निर्भर रहना पड़ता है, लेकिन ज्यादातर गैस एजेंसियों पर इनका स्टॉक खत्म हो चुका है।
शहर की कई प्रमुख गैस एजेंसियों पर जब स्थिति का जायजा लिया गया तो सामने आया कि छोटे सिलिंडरों की आपूर्ति लंबे समय से प्रभावित है। नैनीताल रोड स्थित एक एजेंसी संचालक के अनुसार पहले इन सिलिंडरों की मांग कम थी, इसलिए इन्हें मंगाया नहीं गया, लेकिन अब अचानक मांग बढ़ने से समस्या खड़ी हो गई है। पेट्रोलियम कंपनियों से संपर्क के बावजूद स्पष्ट जवाब नहीं मिल पा रहा है।
दूसरी ओर, कुछ एजेंसियों का कहना है कि छोटे सिलिंडर घरेलू सिलिंडरों के मुकाबले महंगे होते हैं, इसलिए पहले इनकी मांग सीमित थी। हालांकि अब हालात बदल गए हैं और जरूरतमंद उपभोक्ताओं को इन्हें पाने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। कुछ जगहों पर केवल एक-दो सिलिंडर ही उपलब्ध होने की संभावना जताई जा रही है।
जिला पूर्ति अधिकारी मनीष कुमार सिंह के मुताबिक, जल्द ही कंपनियों की ओर से नए स्टॉक की आपूर्ति की जाएगी। फिलहाल अनुमानित तौर पर करीब 600 छोटे सिलिंडर अलग-अलग एजेंसियों पर उपलब्ध बताए जा रहे हैं। जरूरतमंद उपभोक्ता आधार कार्ड और धरोहर राशि के साथ एजेंसी पर जाकर सिलिंडर प्राप्त कर सकते हैं।
इस बीच, कई गैस एजेंसियों की लापरवाही भी सामने आई है। बुकिंग के कई दिनों बाद भी उपभोक्ताओं को सिलिंडर नहीं मिल रहे हैं। निरीक्षण के दौरान कुछ एजेंसियों पर तीन दिन तक का बैकलॉग पाया गया, जबकि कुछ एजेंसियां उपभोक्ताओं को होम डिलीवरी देने के बजाय एक स्थान पर बुलाकर सिलिंडर दे रही थीं।
प्रशासन ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित एजेंसियों को नोटिस जारी किया है और समय पर डिलीवरी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि 48 घंटे से अधिक बैकलॉग मिलने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी, ताकि उपभोक्ताओं को समय पर गैस उपलब्ध कराई जा सके।


