संभल
मंगलवार शाम तेज हवाओं और झमाझम बारिश के बाद मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिला। करीब 25 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चली हवाओं और बारिश के चलते तापमान में लगभग 7 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई। जहां दोपहर में तापमान 32 डिग्री सेल्सियस था, वहीं बारिश के बाद यह घटकर 25 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 101 दर्ज किया गया।
शाम करीब 4 बजे आसमान में काले बादल छा गए और 4:30 बजे के आसपास हल्की बूंदाबांदी के बाद तेज बारिश शुरू हो गई। करीब 10 मिनट की तेज बारिश ने मौसम को सुहावना बना दिया। हालांकि बारिश के चलते सड़कों पर सन्नाटा छा गया और लोगों की आवाजाही कम हो गई।
बारिश से आम लोगों को जहां भीषण गर्मी से राहत मिली, वहीं किसानों की चिंता और बढ़ गई है। दो दिन पहले हुई ओलावृष्टि के बाद अब दोबारा बारिश होने से खेतों में कटी और सूख रही गेहूं की फसल फिर से भीग गई है, जिससे उसके खराब होने की आशंका बढ़ गई है।
किसानों का कहना है कि गेहूं, मक्का और सरसों की फसल को सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है। ओलों के कारण गेहूं की बालियां टूट गईं, जबकि मक्का की फसल लगभग पूरी तरह बर्बाद हो गई है। सरसों की फसल भी इस मौसम की मार से नहीं बच पाई।
गांव मझोला फतेहपुर निवासी किसान जितेंद्र कुमार ने बताया कि आंधी, ओलावृष्टि और बारिश के कारण किसानों को भारी नुकसान झेलना पड़ रहा है। कटाई के बाद रखा गया गेहूं भीगकर खराब हो रहा है, जिससे आर्थिक नुकसान बढ़ता जा रहा है।
वहीं, कुछ लोगों ने मौसम में आई ठंडक को राहत भरा बताया। एक राहगीर विशाल कुमार ने कहा कि बारिश से गर्मी से राहत तो मिली है, लेकिन किसानों के लिए यह नुकसानदायक साबित हो रही है। अब किसान सरकार से मुआवजे की उम्मीद लगाए बैठे हैं।


